30 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सबरीमला मंदिर मामले पर इस अभिनेता ने दिया चौंकाने वाला बयान, कहा- अंदर गईं महिलाएं तो कर देंगे दो टुकड़े

सबरीमला मंदिर मामले पर इस अभिनेता ने दिया चौंकाने वाला बयान।

2 min read
Google source verification
sabarimala temple

सबरीमला मंदिर मामले पर इस अभिनेता ने दिया चौंकाने वाला बयान, कहा- अंदर गईं महिलाएं तो कर देंगे दो टुकड़े

नई दिल्ली। सबरीमला मंदिर मामला दिन ब दिन गरमाता जा रहा है। जब से सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के पक्ष में फैसला सुनाया है, तब से इसका जमकर विरोध हो रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और कहा कि महिलाओं को कोई दिक्कत न हो इसके लिए वह पूरी व्यवस्था करेंगे। इसी बीच मलयालम के फेमस स्टार कोल्लम थुलासी ने चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो भी महिलाएं सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करेंगी, उनके दो टुकड़े कर दिए जाएंगे।

अभिनेता के बयान से हड़कंप

शुक्रवार को कोल्लम में भड़काऊ बयान देते हुए थुलासी ने कहा कि सबरीमाला मंदिर आने वाली महिलाओं के दो टुकड़े किए जाएंगे। एक टुकड़े को दिल्ली तो दूसरे को तिरुवनंतपुरम में स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय पर फेंक दिया जाएगा। उनके इस बयान से हड़कंप मच गया है। हालांकि, अभी तक किसी ने इस बयान पर कोई रिएक्शन नहीं दिया है। गौरतलब है कि राज्य की वामपंथी सरकार ने अदालत के फैसले को लागू करने का फैसला लिया है जिसके खिलाफ बुधवार को हिंदू संगठनों ने एक रैली का आयोजन किया और सड़कें जाम कर दीं। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या महिलाएं थी, जो उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करने के सरकार के फैसले का विरोध कर रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बवाल

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में सभी उम्र की महिलाओं के लिए मंदिर के दरवाजे खोलने का फैसला सुनाया था। मंगलवार को अदालत ने अपने पूर्व के फैसले के खिलाफ दायर की गई पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया था। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने नेशनल अयप्पा डिवोटीज एसोसिएशन की अध्यक्ष शैलजा विजयन की दलील पर विचार किया था। विजयन ने अपने वकील मैथ्यूज जे नेदुम्पारा के माध्यम से दायर की याचिका में दलील दी थी कि पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने प्रतिबंध हटाने का जो फैसला दिया वह पूरी तरह असमर्थनीय और तर्कहीन है।

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग