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दिल्ली, उत्तराखंड के बाद कश्मीर में भी 5.4 तीव्रता का भूकंप

बुधवार की रात उत्तर भारत के कई इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। दिल्ली-एनसीआर उत्तारखंड में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं।

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श्रीनगर: कश्मीर में गुरुवार तड़के 5.4 तीव्रता का भूकंप के झटके महसूस किए गए। हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। आपदा प्रबंधन विभाग के सूत्रों ने गुरुवार को बताया, तड़के 4.59 बजे रिक्टर पैमाने पर 5.4 तीव्रता के भूकंप का झटके महसूस किए गए। उन्होंने बताया, "भूकंप का केंद्र जम्मू एवं कश्मीर और शिंगजियान सीमा पर 35.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 77.6 डिग्री पूर्वी देशांतर में दर्ज किया गया।" भूवैज्ञानिक रूप से, कश्मीर घाटी भूकंप संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है।

उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज झटके महसूस हुए

वहीं बुधवार की रात उत्तर भारत के कई इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। दिल्ली-एनसीआर उत्तारखंड में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। इसके अलावा उत्तरप्रदेश, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस केंद्र उत्तराखंड में जोशी मठ से 33 किमी दूर बताया जा रहा है। रात 8:49 बजे करीब 5 से 10 सेकेंड झटके महसूस हुए। वहीं दूसरा झटका 8:51 पर आया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.93 रही। भूकंप का केंद्र उत्‍तराखंड है। उत्तराखंड के हरिद्वार, चमोली, अल्‍मोड़ा, रुद्रप्रयाग में काफी तेज झटके आए हैं। लोगों ने भूकंप के झटके 2 बार महसूस किए हैं। भूकंप का असर सबसे ज्यादा बागेश्वर और रुद्रप्रयाग में देखा गया।

घरों से बाहर निकले लोग

घबराए लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। हलांकि कहीं से हताहत होने की खबर नहीं है। वहीं चंडीगढ़ में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। यहां पर भी कुछ सेकेंड तक झटके महसूस किए गए हैं। वहीं पश्चिमी उत्तरप्रदेश में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं।

वैज्ञानिकों ने हिमालय क्षेत्र में भूकंप आने का कारण बताया

हिमालय क्षेत्र में आने वाले तेज भूकंपों की वजहों का वैज्ञानिकों ने पहली बार पता लगाया है। स्विटजरलैंड के वैज्ञानिकों ने कहा कि पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत में मौजूद टेक्टॉनिक प्लेट की टक्कर से बड़े भूकंप आते हैं। गौरतलब है कि पृथ्वी की ऊपरी परत में सात बड़ी और कई छोटी-छोटी प्लेटे होती हैं। इनके तेज गति से टकराने से तापमान ठंडा हो जाता है। इसके चलते भूकंप की तीव्रता में बढ़ोतरी होती है।

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