
नई दिल्ली। जम्मू के सुंजवां आर्मी कैंप पर हमला करने वाले जैश-ए-मुहम्मद के तीन आतंकी पिछले साल जून में ही पाकिस्तानी सीमा से कश्मीर में घुस चुके थे। आर्मी के सूत्रों के हवाले से प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्मी की ओर से की गई प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कश्मीर में घुसने के बाद तीनों आतंकी जम्मू और कश्मीर के भिन्न इलाकों में छिपे रहे और हमले की योजना पर काम करते रहे।
10 फरवरी को इन्होंने संजवां आर्मी कैंप पर हमला कर दिया। सेना के ऑपरेशन में तीनों आतंकियों को मार गिराया गया था। बता दें, इस दौरान छह जवान शहीद हो गए थे जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि तीनों आतंकी जून 2017 में ही पाकिस्तानी सीमा पार से भारत में घुस चुके थे। सुंजवां हमले की जांच रिपोर्ट का निरीक्षण आर्मी के उच्चाधिकारियों की ओर से किया जा रहा है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भविष्य में ऐसी घटना न हो।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जम्मू और कश्मीर में आर्मी कमांडरों को पाकिस्तान की किसी भी हरकत पर मुंहतोड़ जवाब देने की पूरी छूट दे दी गई है। हमले के बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कहा था कि पाकिस्तान को अपनी हरकतों का खमियाजा भुगतना होगा।
गौर हो, इस हमले में एक नागरिक की भी मौत हो गई थी। यह नागरिक लांस नायक मोहम्मद इकबाल के पिता थे। हमले में कर्नल रैंक के अफसर समेत कुल 9 जवान घायल हुए थे। सुरक्षाबलों की कार्रवाई में मारे गए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियारों के साथ एनर्जी ड्रिंक, चॉकलेट, पानी की बोतल, लाइटर और सिरिंज बरामद हुई थीं।
आपको बता दें कि साल 2017 में जम्मू कश्मीर में अब तक कुल 218 आतंकी मारे जा चुके हैं। जबकि इसी साल जम्मू कश्मीर में 83 जवान शहीद हो चुके है।
Published on:
17 Feb 2018 09:36 am
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