Assam Mizoram Border Dispute: असम और मिजोरम के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच मिजोरम की गृह सचिव ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।
नई दिल्ली। असम (Assam) और मिजोरम (Mizoram) में सीमा ( Assam Mizoram Border Dispute ) को लेकर चल रही खींचतान के बीच मिजोरम सरकार ने केंद्र सरकार (Central Government) से हस्तक्षेप करने की अपील की है। मिजोरम सरकार ने केंद्र से अपील करते हुए बुधवार को एक बयान जारी करते हुए कहा, 'असम के उपद्रवियों ने रेलवे ट्रैक हटा दिए हैं और राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) 306 को भी बंद कर दिया है, जिससे राज्य में परिवहन सेवाएं बाधित हो गई हैं।'
अपने संदेश में मिजोरम सरकार की गृह सचिव पी लालबियाकसांगी ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि मिजोरम में माल और यात्रियों की आवाजाही फिर से शुरू करने के लिए नाकाबंदी को तत्काल हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
मिजोरम की गृह सचिव लालबियाकसांगी ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि मिजोरम में माल और यात्रियों की आवाजाही फिर से शुरू करने के लिए नाकाबंदी को तत्काल रूप से हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
राष्ट्रीय राजमार्ग को खोलने कि मांग की गई
बता दें 26 जुलाई से राष्ट्रीय राजमार्ग 306 अवरूद्ध है, जिसको लेकर राज्य गृह सचिव ने लिखा, 'इस अवरोध से मिजोरम के लोगों की आजीविका पर भारी असर पड़ रहा है और राज्य में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई नहीं हो पा रही है। इस संबंध में भारत सरकार से अनुरोध किया जाता है कि वो हस्तक्षेप करे और असम सरकार को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया जाए ताकि अवरोध को तत्काल हटाया जा सके और राष्ट्रीय राजमार्ग तथा रेलवे लाइन पर यात्रियों और सामान की आवाजाही को फिर से बहाल किया जा सके।'
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुलाई बैठक
असम और मिजोरम में चल रहे तनावग्रस्त हालात के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला की अध्यक्षता में बुलाई गई, जिसमें दोनों राज्यों के मुख्य सचिव व प्रमुख पुलिस अधिकारी शामिल हुए। सभी ने बॉर्डर पर शांति बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 306 के पास तटस्थ केंद्रीय बलों की तैनाती पर सहमति भी व्यक्त की।
गौरतलब है कि सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 306 पर असम और मिजोरम के बीच सीमा विवाद के चलते खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें असम के छह पुलिसकर्मियों समेत सात लोग मारे गए। इसी तरह साल 2020 में भी हिंसा हुई थी, जिसमें 8 लोग मारे गए थे और कई घर व दुकानें जला दी गई थीं।