Ayodhya Ram Mandir Bhumi Pujan Latest Updates: PM बोले- भय बिनु होइ न प्रीति

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Ayodhya Ram Mandir Bhumi Pujan Latest Updates: PM बोले- भय बिनु होइ न प्रीति

Ayodhya Ram Mandir Bhumi Pujan Live: PM Narendra Modi ने अयोध्या हनुमानगढ़ी मंदिर में हनुमान और रामलला का पूजन और दर्शन किया Ayodhya Ram Mandi के शिलान्यास के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सभी राम भक्तों को दी बधाई

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें ध्यान रखना है, जब जब मानवता ने राम को माना है विकास हुआ है, जब जब हम भटके हैं, विनाश के रास्ते खुले हैं। हमें सभी की भावनाओं का ध्यान रखना है। हमें सबके साथ से, सबके विश्वास से, सबका विकास करना है। राम समय, स्थान और परिस्थितियों के हिसाब से बोलते हैं, सोचते हैं, करते हैं।

उन्होंने कहा कि राम हमें समय के साथ बढ़ना सिखाते हैं, चलना सिखाते हैं। राम परिवर्तन के पक्षधर हैं, राम आधुनिकता के पक्षधर हैं। उनकी इन्हीं प्रेरणाओं के साथ, श्रीराम के आदर्शों के साथ भारत आज आगे बढ़ रहा है हमें ये सुनिश्चित करना है कि भगवान श्रीराम का संदेश, हमारी हजारों सालों की परंपरा का संदेश, कैसे पूरे विश्व तक निरंतर पहुंचे। कैसे हमारे ज्ञान, हमारी जीवन-दृष्टि से विश्व परिचित हो, ये हम सबकी, हमारी वर्तमान और भावी पीढ़ियों की ज़िम्मेदारी है। पीएम ने आगे कहा कि मुझे विश्वास है कि श्रीराम के नाम की तरह ही अयोध्या में बनने वाला ये भव्य राममंदिर भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत का द्योतक होगा। यहां निर्मित होने वाला राममंदिर अनंतकाल तक पूरी मानवता को प्रेरणा देगा।

3:16 PM

अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भी भारत के बाहर दर्जनों ऐसे देश हैं जहां, वहां की भाषा में रामकथा प्रचलित है। मुझे विश्वास है कि आज इन देशों में भी करोड़ों लोगों को राम मंदिर के निर्माण का काम शुरू होने से बहुत सुखद अनुभूति हो रही होगी। आखिर राम सबके हैं, सब में हैं।

तुलसी के राम सगुण राम हैं, तो नानक और कबीर के राम निर्गुण राम हैं! भगवान बुद्ध भी राम से जुड़े हैं तो सदियों से ये अयोध्या नगरी जैन धर्म की आस्था का केंद्र भी रही है। राम की यही सर्वव्यापकता भारत की विविधता में एकता का जीवन चरित्र है। जीवन का ऐसा कोई पहलू नहीं है, जहां हमारे राम प्रेरणा न देते हों। भारत की ऐसी कोई भावना नहीं है जिसमें प्रभु राम झलकते न हों। भारत की आस्था में राम हैं, भारत के आदर्शों में राम हैं! भारत की दिव्यता में राम हैं, भारत के दर्शन में राम हैं।

पीएम ने कहा कि श्रीराम का अद्भुत व्यक्तित्व, उनकी वीरता, उनकी उदारता, उनकी सत्यनिष्ठा, उनकी निर्भीकता, उनका धैर्य, उनकी दृढ़ता, उनकी दार्शनिक दृष्टि युगों-युगों तक प्रेरित करते रहेंगे। श्रीराम ने सामाजिक समरसता को अपने शासन का आधार बनाया था। उन्होंने गुरु वशिष्ठ से ज्ञान, केवट से प्रेम, शबरी से मातृत्व, हनुमानजी एवं वनवासी बंधुओं से सहयोग और प्रजा से विश्वास प्राप्त किया।

3:09 PM

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि श्रीरामचंद्र को तेज में सूर्य के समान, क्षमा में पृथ्वी के तुल्य, बुद्धि में बृहस्पति के सदृश्य और यश में इंद्र के समान माना गया है। श्रीराम का चरित्र सबसे अधिक जिस केंद्र बिंदु पर घूमता है, वो है सत्य पर अडिग रहना। इसलिए ही श्रीराम संपूर्ण हैं।

देशभर के धामों और मंदिरों से लाई गई मिट्टी और नदियों का जल, वहां के लोगों, वहां की संस्कृति और वहां की भावनाएं, आज यहां की शक्ति बन गई हैं। वाकई ये न भूतो न भविष्यति है। आज भूमि पूजन का कार्यक्रम अनेक मर्यादाओं के बीच हो रहा है। श्रीराम के काम में मर्यादा का जैसे उदाहरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए, वैसा ही उदाहरण देश ने पेश किया है।

2:21 PM

पीएम मोदी ने कहा कि राम हमारे मन में गढ़े हुए हैं, हमारे भीतर घुल-मिल गए हैं। कोई काम करना हो, तो प्रेरणा के लिए हम भगवान राम की ओर ही देखते हैं भगवान राम की अद्भुत शक्ति देखिए। इमारतें नष्ट कर दी गईं, अस्तित्व मिटाने का प्रयास भी बहुत हुआ, लेकिन राम आज भी हमारे मन में बसे हैं, हमारी संस्कृति का आधार हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रीराम भारत की मर्यादा हैं, श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। श्रीराम का मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा। हमारी शाश्वत आस्था का प्रतीक बनेगा, राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा। ये मंदिर करोड़ों-करोड़ों लोगों की सामूहिक शक्ति का भी प्रतीक बनेगा।

1:53 PM

प्रधानमंत्री ने कहा कि सालों से टाट और टेंट के नीचे रह रहे हमारे रामलला के लिए अब एक भव्य मंदिर का निर्माण होगा। टूटना और फिर उठ खड़ा होना, सदियों से चल रहे इस व्यतिक्रम से रामजन्मभूमि आज मुक्त हो गई है। पूरा देश रोमांचित है, हर मन दीपमय है। सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है।

हमारे स्वतंत्रता आंदोलन के समय कई-कई पीढ़ियों ने अपना सब कुछ समर्पित कर दिया था। गुलामी के कालखंड में कोई ऐसा समय नहीं था जब आजादी के लिए आंदोलन न चला हो, देश का कोई भूभाग ऐसा नहीं था जहां आजादी के लिए बलिदान न दिया गया हो। राम मंदिर के लिए चले आंदोलन में अर्पण भी था ,तर्पण भी था, संघर्ष भी था, संकल्प भी था।

जिनके त्याग, बलिदान और संघर्ष से आज ये स्वप्न साकार हो रहा है, जिनकी तपस्या राममंदिर में नींव की तरह जुड़ी हुई है, मैं उन सबको आज 130 करोड़ देशवासियों की तरफ से नमन करता हूं।

1:40 PM

राम मंदिर भूमि पूजन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं इसके लिए हृदय पूर्वक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का आभार व्यक्त करता हूं। आज श्रीराम का यह जयघोष सिर्फ सिया-राम की धरती में ही नहीं सुनाई दे रहा, इसकी गूंज पूरे विश्व में है। सभी देशवासियों को, विश्व में फैले करोड़ों राम भक्तों को आज के इस सुअवसर पर कोटि-कोटि बधाई:

पीएम मोदी ने आगे कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुझे आमंत्रित किया, इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने का अवसर दिया।

1:26 PM

कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि यह आनंद की घड़ी है, जो संकल्प लिया था, पूरा हुआ। भागवत ने कहा कि उस समय देवव्रत जी ने कहा था कि इसके लिए 20-30 साल तक काम करते रहने होगा। आज जबकि 30वें साल की शुरुआत हो चुकी है, तब इस शुभ घड़ी में मंदिर निर्माण का काम शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया में कोरोना वायरस का प्रकोप है, जिसकी वजह से कई लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। भागवत ने कहा कि देश आज आत्मनिर्भर बनने की ओर है।

1:04 PM

नई दिल्ली। राम मंदिर के शिलान्यास के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि आज पांच सदी के बाद भारतवासियों का सपना पूरा हुआ है। योगी ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का अनुपालन करते हुए मंदिर निर्माण की शुरुआत की गई है। इस शुभ घड़ी के इंतजार में कई पीढ़ियां गुजर गई हैं।

 

 

1:19 PM

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या हनुमानगढ़ी मंदिर में हनुमान और रामलला का पूजन और दर्शन किया। राम मंदिर भूमि पूजा के बाद उन्होंने मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी। इस दौरान उनके साथ आरएसएस प्रमुख मोहनभगवत भागवत भी मौजूद हैं।

वैदिक आचार्य ने भूमि पूजन प्रारंभ कर दिया है। प्रधानमंत्री पूर्व की दिशा में मुख कर पूजन में शामिल हो चुके हैं। भगवान श्री गणेश की स्तुति के साथ प्रधानमंत्री ने आचमन किया। इस दौरान सभी देवताओं का ध्यान किया गया। बाबा भैरवनाथ का स्मरण कर भूमि पूजन की ली गई अनुमति। इसी के साथ नौ शिलाओं का पूजन प्रारंभ हुआ। इस दौरान उन्होंने परिसर में पारिजात का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

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