
बर्फीली ठंड में पूर्वी लद्दाख में डटे हैं दोनों देश के सैनिक।
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद समाधान को लेकर नौवें दौर की बातचीत लगभग 17 घंटे तक चली। भारत ने चीन से साफ शब्दों में कह दिया है कि चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा पर मई, 2020 से पहले की स्थिति बहाल करे। बता दें कि लद्दाख से लगते एलएसी पर मई के बाद से ही दोनों देश के बीच तनाव की स्थिति है। दोनों देशों के 50-50 हजार सैनिक पूर्वी लद्दाख में तैनात हैं।
जानकारी के मुताबिक नौवें दौर की बैठक मकसद पिछली बैठक में बनी सहमतियों से आगे बढ़ना था। यह तय किया जाना था कि दोनों देश किस प्रकार से अपने सैनिकों को टकराव वाले स्थानों से पीछे हटाएं। तय रूपरेखा पर अमल करें। इस बैठक के मारे में सेना से के सूत्रों से मिली जानकारी मुताबिक रविवार को बातचीत चीन सीमा में पड़ने वाले मोल्डो में सुबह 10 बजे शुरू हुई। बैठक देर रात तक चली। लगभग 17 घंटे तक बातचीत का दौर जारी रहा।
बैठक में भारत का नेतृत्व लेह स्थित 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टनेंट जनरल पीजीके मेनन ने किया। चीनी दल का नेतृत्व तिब्बत क्षेत्र के कमांडर मेजर जनरल लियू लिन ने किया।
Updated on:
25 Jan 2021 07:44 am
Published on:
25 Jan 2021 07:39 am

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