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‘इलाहाबाद’ को प्रयागराज करने वाले प्रस्ताव को केंद्र सरकार की मंजूरी, अर्द्धकुंभ से पहले लिया फैसला

केंद्र सरकार ने यूपी सरकार के इस प्रस्ताव पर एनओसी भी दे दी है, जो ये सुनिश्चित करेगी कि अब जिले में रेलवे स्टेशन, उच्च न्यायालय और विश्वविद्यालय सहित सभी संस्थानों के नाम बदले जाएंगे।

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Kapil Tiwari

Jan 01, 2019

Allahbad Junction

Allahbad Junction

नई दिल्ली। नए साल के पहले दिन ही केंद्र सरकार ने यूपी सरकार के एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। दरअसल, केंद्र सरकार ने मंगलवार को इलाहाबाद का नाम प्रयागराज रखने वाले उत्तर प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रयागराज में अर्द्ध कुंभ से ठीक 15 दिन पहले केंद्र सरकार ने यूपी सरकार के अनुरोध को मान लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।

2019 चुनाव से पहले हिंदुत्व एजेंडे के तहत लिया गया फैसला!

केंद्र सरकार के इस फैसले को हिंदुत्व एजेंडे से जोड़कर देखा जा रहा है और वो भी 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने करीब दो महीने पहले इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने का फैसला किया था।

NOC के बाद सभी संस्थानों के बदल जाएंगे नाम

मंगलवार को केंद्र सरकार ने यूपी सरकार के इस प्रस्ताव पर एनओसी भी दे दी है, जो ये सुनिश्चित करेगी कि अब जिले में रेलवे स्टेशन, उच्च न्यायालय और विश्वविद्यालय सहित सभी संस्थानों के नाम बदले जाएंगे। केंद्र से जारी इस एनओसी के बाद जिले में इलाहाबाद का नाम प्रयागराज कर दिया जाएगा।

केंद्र ने एक साल में 25 शहरों के नाम बदलने की दी है अनुमति

प्रयागराज में कुंभ मेले की शुरुआत 15 जनवरी को मकर संक्रांति से हो रही है। कुंभ मेले का समापन चार मार्च को महाशिवरात्रि के दिन होगा। केंद्र सरकार ने पिछले एक साल में देश के कम से कम 25 शहरों और गांवों के नाम बदलने पर अपनी सहमति दी है। उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या करने का प्रस्ताव अभी केंद्र को नहीं मिला है।

पश्चिम बंगाल का नाम 'बांग्ला' किए जाने पर केंद्र को है आपत्ति

पश्चिम बंगाल का नाम ‘बांग्ला’ करने का प्रस्ताव विदेश मंत्रालय में लंबित है। बताया जाता है कि विदेश मंत्रालय ने ‘बांग्ला’ नाम को लेकर अपनी आपत्ति जाहिर की है, क्योंकि यह नाम पड़ोसी बांग्लादेश के नाम से मिलता-जुलता है।