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केंद्रीय कर्मचारियों को मोदी सरकार का तोहफा, घर बनाने के लिए 25 लाख रु. तक का लोन

नए नियमों के मुताबिक कर्मचारी अपने मूल वेतन के 34 माह की राशि के बराबर या अधिकतम 25 लाख रुपए का अग्रिम ऋण ले सकता है।

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नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों को मोदी सरकार ने बड़ी राहत दी है। कर्मचारियों को अपने घर का सपना पूरा करना और आसान हो गया है। केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को 1 करोड़ तक मकान बनाने के लिए अग्रिम ऋण की सीमा बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दी है। साथ ही मौजूदा मकान के विस्तार के लिए भी ऋण सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपए की गई है। इससे पहले यह सीमा तीस लाख रुपए तक के मकान के लिए 7.50 लाख रुपए थी। नए नियमों के मुताबिक कर्मचारी अपने मूल वेतन के 34 माह की राशि के बराबर या अधिकतम 25 लाख रुपए का अग्रिम ऋण ले सकता है।

50 लाख कर्मचारियों को लाभ
मंत्रालय की ओर से नियमों में संशोधन से लगभग 50 लाख केन्द्रीय कर्मचारियों को लाभ होगा। नए नियमों के मुताबिक पति और पत्नी, दोनों के केन्द्रीय कर्मचारी होने की स्थिति में दोनों को एक साथ या अलग-अलग एडवांस लोन लेने की छूट दी गई है। इससे पहले सिर्फ पति या पत्नी को ही एडवांस राशि लेने का विकल्प था। हालांकि केन्द्रीय कर्मचारी को इस नियम का लाभ सेवा के दौरान एक ही बार लेना है। मंत्रालय ने केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए भवन निर्माण के लिए एडवांस राशि जारी करने के नियमों (एचबीए) में बदलाव कर यह सुविधा शुरू की है। .

साढ़े 8 % ब्याज पर मिलेगा धन

अग्रिम ऋण पर साढ़े आठ फीसद की दर से साधारण ब्याज देना होगा। इसके पहले यह छह से साढ़े नौ फीसदी (पचास हजार से साढ़े सात लाख के ऋण पर) था। ब्याज दर का हर तीन साल में पुनर्निर्धारण किया जाएगा। किस्तों में कर्ज की वापसी की पुरानी प्रक्रिया को ही बहाल रखा गया है।

आवास की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए मंत्रालय ने लिया फैसला

मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि आवास की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए सरकार ने एचबीए नियमों को आसान बनाने की पहल की है।

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