10 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, अब हर साल बढ़ेगा वेतन

केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर। केन्द्र सरकार केन्द्रीय कर्मचारियों का वेतन हर साल बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है।

2 min read
Google source verification

image

Ashish Gupta

Aug 07, 2017

नई दिल्ली/रायपुर. केन्द्र सरकार केन्द्रीय कर्मचारियों का वेतन हर साल बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। सरकार निजी कम्पनियों में काम करने वाले कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी को दोगुना करने पर कानून लाने जा रही है। बताया जा रहा है कि न्यूनतम सैलरी को दोगुनी होगी ही, इसके साथ ही बताया जा रहा है कि सैलरी भी हर साल बढ़ेगी। इसके लिए सरकार बकायदा एक कमेटी का गठन करने जा रही है। ये कमेटी इस बात की समीक्षा करेगी कि ये कितना तर्कसंगत साबित होगा।

वित्त मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि सरकार अब वेतन आयोग की परंपरा को खत्म करना चाहती है। इस बीच कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स का कहना है कि अगर सरकार ये कदम उठा रही है तो इसे जल्दी से लागू कर दिया जाना चाहिए। इस एसोसिएशन के अध्यक्ष का कहना है कि इस बारे में सरकार से बात करने के लिए वो तैयार हैं। वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक वेतन बढ़ाने पर सरकारी खजाने पर बोझ पड़ता है।

सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया तो सरकारी खजाने पर एक लाख करोड़ रुपए का बोझ बढ़ गया। कुल मिलाकर कहें तो केंद्रीय और राज्य कर्माचारियों के लिए अच्छी खबर सामने आ सकती है। इसके साथ ही मोदी सरकार नया कानून लाने जा रही है जिससे कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन दोगुना बढ़ाया जाएगा।

जस्टिस माथुर के फार्मुले पर विचार
केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में नियमित रूप से इजाफा किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इसके लिए बकायदा एक पैरामीटर तैयार किया जाएगा। इस बीच सातवें वेतन आयोग के प्रमुख जस्टिस एके माथुर ने इसके लिए अलग से सिफारिश की है। इस सिफारिश में कहा गया है कि सरकारी खजाने को बढ़ाने के लिए बेहतर होगा कि वो हर साल केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में इजाफा करे।

उन्होंने बताया कि सरकरा को हर दस साल में वेतन आयोग का गठन कर वेतन बढ़ोतरी नहीं करनी चाहिए। ये ही वजह है कि सरकार अब इस फॉर्मूले पर विचार कर रही है। इस बीच वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने भी इस बारे में एक बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि मंत्रालय ने इस बारे में राज्य सरकारों से राय मांगी है। इसका सीधा मतलब ये हुआ कि केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढऩे पर राज्य सरकारों को अपने कर्मचारियों की सैलरी हर हाल में बढ़ानी होगी। बताया जा रहा है कि सरकार सबसे पहले एक महंगाई बास्केट बनाएगी। इसमें खाद्य वस्तुओं से लेकर हर चीज से संबधित महंगाई दर की लिस्ट तैयार की जाएगी। इस लिस्ट के आधार पर ही कर्मचारियों की तनख्वाह में इजाफा किया जाएगा।