
chief priest
नई दिल्ली। सबरीमला मंदिर के प्रमुख पुजारी केंद्रारू राजीवरु ने कहा सबरीमला में हालात तनावपूर्ण हैं और यह खतरानाक स्तर तक पहुंच गया है। स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हिंसक घटनाएं भी होने लगी हैं। उन्होंने कहा कि मैं हिंसा नहीं चाहता लेकिन अयप्पा के भक्तों में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर असंतोष चरम पर है। शीर्ष अदालत के फैसले के बाद कई श्रद्धालु निराश और हताश हैं। श्रद्धालुओं से अपील है कि वे सबरीमाला मंदिर का सिस्टम बनाए रखें। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि हिंसा फैलाने वाले श्रद्धालु नहीं, बल्कि कोई और हैं।
परंपरा का भी ख्याल रखे अदालत
राजीवरु ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट सिर्फ कानून के बारे में सोचता है न कि परंपराओं के बारे में। अभी भी कई श्रद्धालु पुरानी परंपराओं के समर्थन में हैं। मेरी बस एक ही राय है जो पुरानी परंपरा पर आधारित है। शीर्ष अदालत उसका भी ख्याल रखे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो जिसके लिए शीर्ष अदालत है उनकी भावनाओं को क्या होगा?
विवाद थम नहीं रहा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद केरल के सबरीमला मंदिर में महिलाओं की एंट्री को लेकर जारी विवाद थम नहीं रहा है। बुधवार को मंदिर के कपाट खुलने के बाद भी महिलाएं मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाईं। वहीं आज कई संगठनों ने राज्यव्यापी बंद का एलान किया है। एहतियात के तौर पर प्रशासन की तरफ से सन्नीधानम, पंबा, निलक्कल और ईलावुंगल में धारा 144 लगा दी गई है।
प्रवेश का विरोध जारी
आपको बता दें कि सबरीमला मंदिर के द्वार शाम को खुलने से पहले ही बुधवार सुबह भारी हंगामा हुआ। हर उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने मीडिया को भी नहीं बख्शा। पत्रकारों पर भी हमला किया गया। उनके वाहनों में तोड़फोड़ की गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद भी 10 से 50 वर्ष की महिलाओं को मंदिर जाने से रोक दिया गया। केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले पर रिपोर्ट तलब कर ली है।
Published on:
18 Oct 2018 01:29 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
