अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सीमा के नजदीक चीन ने बसाए तीन गांव

Highlights.

- सैटेलाइट तस्वीरों ने खोली ड्रैगन की पोल, सीमा से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर चीनी इलाके में स्थित हैं ये गांव

- जहां गांव बसाए गए हैं उस क्षेत्र को लेकर भारत और चीन के बीच सीमा विवाद है

- 2017 में हुए डोकलाम संघर्ष स्थल से यह क्षेत्र महज सात किलोमीटर दूर है

 

नई दिल्ली.

चीन से सटी सीमा पर शांति बनाए रखने के भारत के तमाम प्रयासों के बावजूद ड्रैगन बाज नहीं आ रहा है। पूर्वी लद्दाख में जारी सैन्य तनातनी के बीच ही चीन ने अरुणाचल प्रदेश की सीमा के पास तीन गांव बसाए हैं। पश्चिमी अरुणाचल प्रदेश में भारत, चीन और भूटान के बीच त्रिकोणीय जंशन बुम ला पास से करीब पांच किलोमीटर दूरी पर चीनी इलाके में यह गांव स्थित है। हाल ही में सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों से यह बात उजागर हुई है।

क्या कहती है सैटेलाइट तस्वीर

लैस की 17 फरवरी 2020 की तस्वीर में यहां सिर्फ एक गांव दिख रहा है जिसमें 20 से ज्यादा संरचनाएं नजर आती हैं। 28 नवंबर की तस्वीर में तीन अतिरिक्त एन्लेव नजर दिखाई दे रहे हैं।

चीन क्यों चल रहा है टेढ़ी चाल

चीन शुरुआत से ही पड़ोसी देशों के सीमावर्ती इलाकों पर अपना दावा ठोकता रहा है। अरुणाचल प्रदेश पर भी उसकी नजर है। नया निर्माण अरुणाचल प्रदेश की सीमा के साथ चीन के क्षेत्रीय दावों को मजबूत करने का पैतरा हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार जिस तरह चीन भारतीय हिमालयी क्षेत्रों में घुसपैठ के लिए चरवाहों और दक्षिण चीन सागर में मछुआरों का उपयोग करता है उसी तरह यहां अपने क्षेत्रीय दावों को मजूबत करने और सीमा पर घुसपैठ के लिए चीनी क्युनिस्ट पार्टी के हैन चाइनीज और तिबतियों को बसा रहा है। चीन अरुणाचल प्रदेश से सटे 65000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को चीनी तिबत क्षेत्र का हिस्सा बताता है। भारत शुरू से इन दावों को खारिज करता रहा है।

Ashutosh Pathak
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