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संविधान दिवस पर बोले मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई- हमारा संविधान महान शक्ति के साथ खड़ा है

लोकतंत्र के धर्मग्रंध से जुड़ी हुई बातें बताई जा रही हैं साथ ही संविधान दिवस पर डॉ. भीम राव आंबेडकर को याद किया जा रहा है।

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RANJAN

संविधान दिवस पर बोले मुख्य न्यायाधीश रंजीन गोगोई- हमारा संविधान महान शक्ति के साथ खड़ा है

नई दिल्ली। आज संविधान दिवस है। संविधान दिवस पर डॉ. भीम राव आंबेडकर को याद तो किया ही जा रहा है साथ ही संविधान की विशेषताओं पर भी देश के सम्मानित लोग बात कर रहे हैं। सोमवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें लोकतंत्र के धर्मग्रंथ पर बात हुई। भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने लोगों को संविधान और उससे जुड़ी हुईं बातें बताईं।

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'हमारा संविधान महान शक्ति के साथ खड़ा है'
भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने संविधान दिवस के मौके पर कहा कि जब संविधान को लागू किया गया, तो आलोचना की गई। सर इवर जेनिंग्स ने इसे बहुत बड़ा और कठोर कहा। वक्त ने इस आलोचना को कमजोर कर दिया और यह गर्व की बात है कि पिछले 7 दशकों में हमारा संविधान महान शक्ति के साथ खड़ा है। हमारा संविधान मार्जिनालाइज्ड (उपेक्षित समूहों) और समझदारी की आवाज है। इसकी समझ ने मुश्किल के पलों में हमारा मार्गदर्शन जारी रखा हुआ है। यह संविधान के तहत सावधानीपूर्वक सलाह देने के लिए हमारी सबसे अच्छी रुचि है। अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो हमारे घमंड का नतीजा अराजकता होगा।

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हमें संविधान पर भरोसा करने की जरूरत है: रविशंकर प्रसाद
केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद भी कार्यक्रम में उपस्थित रहें। इस अवसर पर उन्होंने कहा- हमें भारत के लोकतंत्र पर भरोसा करने की आवश्यकता है क्योंकि उनके पास यह विश्वास है कि हम किसी भी राजनीतिक नेता या राजनीतिक दल को बेदखल कर सकते हैं चाहे वह कितना भी लोकप्रिय हो। चाहे उसके पास कितनी भी शक्ति हो, दिल्ली में या दूसरे राज्यों में। साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपने निहित विश्वास की तुलना में उनके धर्म, जाति, समुदाय, आर्थिक स्थिति या साक्षरता, भारत के संवैधानिक शासन की सबसे सटीक परिभाषा है।

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