पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने राज्य के विद्यार्थियों के लिए बुधवार को 'स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड' लॉन्च किया है। अब इस क्रेडिट कार्ड के जरिए कोई भी छात्र बहुत ही कम बार्षिक ब्याज पर 10 लाख रुपये तक का लोन ले सकता है।
कोलकाता। पूरे देश में हजारों-लाखों होनहार व तेज-तर्रार छात्र ऐसे हैं जो आर्थिक तंगी की वजह से अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते हैं। लेकिन अब पश्चिम बंगाल के छात्रों को आर्थिक तंगी की वजह से पढा़ई नहीं छोड़नी पड़ेगी। दरअसल, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के विद्यार्थियों के लिए बुधवार को एक बड़ी खुशखबरी दी।
सीएम ममता ने राज्य के विद्यार्थियों के लिए बुधवार को 'स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड' लॉन्च किया है। अब इस क्रेडिट कार्ड के जरिए कोई भी छात्र बहुत ही कम बार्षिक ब्याज पर 10 लाख रुपये तक का लोन ले सकता है। बीते दिन मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने इसकी मंजूरी दी थी। ममता बनर्जी ने अपने चुनावी मेनिफेस्टो में छात्रों से ये वादा किया था।
ममता बनर्जी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा- मुझे यह ऐलान करने में खुशी हो रही है कि पश्चिम बंगाल में आज छात्रों के लिए क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया गया। उन्होंने कहा कि अब पश्चिम बंगाल के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार इस योजना के तहत साधारण वार्षिक ब्याज दर पर 10 लाख तक का लोन देगी।
इस योजना की सबसे खास बात ये है कि एक छात्र को नौकरी मिलने के बाद कर्ज चुकाने के लिए 15 सालों का समय दिया जाएगा। इसके अलावा भारत या विदेश में स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और पोस्ट-डॉक्टरल अध्ययन के लिए ऋण उपलब्ध होगा।
एक नजर में इस योजना से जुड़ी पूरी डिटेल
- स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की मदद से छात्र उच्च अध्ययन के लिए 10 लाख रुपये तक का कर्ज साधारण वार्षिक ब्याज दर पर ले सकता है।
- इस योजना का लाभ लेने की अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष है।
- नौकरी मिलने के बाद छात्र को कर्ज चुकाने के लिए 15 वर्ष का समय दिया जाएगा।
- अलग-अलग कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले छात्र (यानी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने की तैयारी कर रहे छात्र जिनमें आईआईटी, आईआईएम, एनएलयू, आईएएस, आईपीएस, डब्ल्यूबीपीएस शामिल हैं) भी इसका लाभ ले सकेंगे।
मालूम हो कि ममता बनर्जी की सरकार से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2019 में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड लॉंच किया था। बिहार में इस योजना के तहत चार लाख रुपये तक की ऋण दी जा रही है। सरकार ने ये प्रावधान किया है कि यदि किसी छात्र को तय समय के अंदर नौकरी नहीं मिलती है तो उसका कर्ज माफ कर दिया जाएगा। साथ ही छात्रों को 82 किस्तों में लोन चुकाने की छूट दी गई है।