
नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ( CM Sarbananda Sonowal ) ने कोरोना वायरस ( coronavirus ) और लॉकडाउन ( Lockdown ) से उत्पन्न स्थिति को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने बताया कि असम सरकार देश के अलग-अलग राज्यों से लौटने वाले सभी प्रवासी मजदूरों ( Migrant Laborers ) को मनरेगा के तहत रोजगार मुहैया कराने का काम करेगी।
सीएम सोनोवाल ने कौशल विकास विभाग ( Skil Development Department ) के अधिकारियों को असम लौटने वाले मजदूरों के कौशल की पहचान करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विकास खंड स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान करने का निर्देश दिया। असम सरकार ने प्रवासी मजदूरों को जॉब कार्ड ( Job Card ) प्रदान करने का निर्णय लिया है। जॉब होल्डर्स को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम ( MGNREGA ) योजना के तहत काम के अवसर मुहैया कराए जाएंगे।
उन्होंने वित्त विभाग को निर्देश दिया कि वे उत्पादक क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों को बैंक ऋण प्रदान करने के तरीकों के बारे में बैंकों से चर्चा करें। ताकि खुद का काम शुरू करने वाले लोगों को बैंकों से बिना किसी बाधा के ऋण मुहैया कराना संभव हो सके।
बता दें कि असम सरकार ने राज्य के बाहर रहने वाले लगभग 6 लाख लोगों को वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए पंजीकरण किया था। यह अनुमान लगाया गया है कि उनमें से कम से कम एक-तिहाई प्रवासी मजदूर असम वापस आ सकते हैं। मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को केंद्र द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपए के वित्तीय पैकेज के तहत क्षेत्र को लाभ प्रदान करने के लिए एमएसएमई की जिलेवार सूची तैयार करने का भी निर्देश दिया।
Updated on:
18 May 2020 02:59 pm
Published on:
18 May 2020 01:49 pm
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