
अयोध्या में राम मंदिर के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दे दिया है। लंबे समय से लटका आ रहा ये फैसला आखिरकार निपट गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सूत्रों का कहना है कि अगले साल 2020 से मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। इसके लिए शुभ घड़ी (मुहूर्त) देखी जाएगी।
सूत्रों के अनुसार- इस समय जिस जगह चबूतरे पर रामलला विराजमान हैं, वहीं बनाए जाने वाले मंदिर का गर्भगृह होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक ट्रस्ट के जरिए अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होना है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से तीन महीने के अंदर ट्रस्ट गठित करने को कहा है। अब इस ट्रस्ट में शामिल होने वाले चेहरों को लेकर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
सूत्रों के अनुसार- जिस तरह से 1951 में गुजरात में बकायदा धार्मिक चैरिटेबल ट्रस्ट बनाकर सोमनाथ मंदिर का निर्माण किया गया था, उसी तरह से राम मंदिर बनाने के लिए भी ट्रस्ट का गठन किया जाएगा। इस ट्रस्ट में सरकारी प्रतिनिधि और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे संघ परिवार के संगठनों के लोग शामिल हो सकते हैं।
Updated on:
10 Nov 2019 10:40 am
Published on:
10 Nov 2019 10:30 am
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