
Rapid Antibody Blood Test
नई दिल्ली। कोरोना वायरस (Coronavirus) से तमाम देश जूझ रहे हैं। हर रोज सैकड़ों मरीज इस महामारी का शिकार हो रहे हैं, लेकिन भारत में ज्यादा टेस्ट न हो पाने और देर से रिपोर्ट आने के चलते कोरोना संक्रमित मरीजों का सही आंकड़ा नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में (ICMR) भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने स्वास्थ मंत्रालय को रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट (Rapid Antibody Test) का सुझाव दिया है। ये कोरोना के हॉटस्पॉट (Hotspots) एरिया में किया जाएगा। इससे कम समय में ज्यादा से ज्यादा लोगों का ब्लड टेस्ट आसानी से हो सकेगा।
क्या है रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट
ICMR के साइंटिस्ट डॉ मनोज मुरहेकर ने बताया कि कोरोना हॉटस्पॉट एरिया में ये तरीका बेहद कारगर है। इससे काफी लोगों के ब्लड सैंपल कम वक्त में लिए जा सकेंगे। यह प्रेग्नेंसी टेस्ट की तरह है। इसमें फिंगर से ब्लड सैंपल ले सकते हैं। इसकी रिपोर्ट महज आधे से एक घंटे के बीच मिल जाएगी।
अभी तक कैसे होते थे टेस्ट
कोरोना संक्रमित मरीजों का पता लगाने के लिए अभी तक RT-PCR टेस्ट हो रहा था। जिसमें स्वैब के ज़रिए टेस्ट होता है। इसके तहत व्यक्ति के गले या नाक में सींक जैसी चीज डालकर सैंपल लिया जा रहा था। इसकी रिपोर्ट आने में करीब 18 से 24 घंटों का वक़्त लगता है।
रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट के ये भी फायदे
रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट से न सिर्फ रिपोर्ट जल्दी मिलेगी। बल्कि इस तरह से ब्लड सैंपल लेने पर ये भी पता लगेगा कि शख्स वायरस के संपर्क में आया था तो उस पर इसका कितना प्रभाव पड़ा। क्या उसके शरीर ने एंटीबॉडी बना लिया, जिससे वायरस का असर कम हुआ हो।
क्या है हॉटस्पॉट एरिया
देशभर में कोरोना के कई हॉटस्पॉट बनाए गए हैं। ये वह इलाके हैं जहां कम वक्त में ही कोरोना के ज़्यादा मामले सामने आ रहे हैं। साथ ही, यहां सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस के मरीज़ों की संख्या ज्यादा है और टेस्ट के बाद वो भी पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। हॉटस्पॉट एरिया में दिल्ली, केरल, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, लद्दाख के इलाके शामिल हैं।
Updated on:
5 Apr 2020, 12:16 PM IST
Published on:
5 Apr 2020, 8:00 AM IST
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