27 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जानें, क्या देश में कोरोना वायरस को रोकेगा भीलवाड़ा फॉर्मूला ?

देशभर में लॉकडाउन ( Lockdown ) के बावजूद कोरोना ( Coronavirus Outbreak ) संक्रमित मरीजों की संख्या पर ब्रेक नहीं लग पा रहा। अब तक 4700 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इस महामारी ( COVID-19 India ) से अब तक 140 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी हैं। इस महामारी ( Corronavirus in India ) को रोकने के लिए केंद्र व राज्य सरकारें हर जतन अपना रही है, लेकिन आंकड़ा है कि थमने का नाम नहीं ले रहा। अब सरकार भीलवाड़ा फॉर्मूला ( Bhilwara formula ) अपनाने की तैयारी में हैं।

3 min read
Google source verification
photo6079882015919941960.jpg

नई दिल्ली।
देशभर में लॉकडाउन ( Lockdown ) के बावजूद कोरोना ( Coronavirus outbreak ) संक्रमित मरीजों की संख्या पर ब्रेक नहीं लग पा रहा। अब तक 4700 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इस महामारी ( COVID-19 India ) से अब तक 140 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी हैं। देश में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र ( Coronavirus in Maharashtra ) में हालात खराब हैं। यहां कुल 868 केस सामने आ चुके हैं। इस महामारी को रोकने के लिए केंद्र व राज्य सरकारें हर जतन अपना रही है, लेकिन आंकड़ा है कि थमने का नाम नहीं ले रहा। अब सरकार भीलवाड़ा फॉर्मूला ( Bhilwara formula ) अपनाने की तैयारी में हैं।

देश के लिए रोल मॉडल बना भीलवाड़ा ( Bhilwara Role Model for India )
राजस्थान का भीलवाड़ा जिला जो पिछले महीने कोरोना ( Coronavirus in Bhilwara ) का हॉटस्पॉट बना हुआ था, अब पूरे देश में कोरोना वायरस पर काबू पाने के लिए नजीर साबित हो सकता है। भीलवाड़ा में पहला मामला 20 मार्च का सामने आया था। उसके बाद संख्या 27 तक पहुंच गई। लेकिन, उसके बाद गहलोत सरकार और स्थानीय प्रशासन की जुगलबंदी से कोरोना के आंकड़ों को 27 पर ही रोक दिया गया।

Coronavirus: भारत में दूसरे और तीसरे स्टेज के बीच कोरोना, सरकार कर रही यह तैयारी

केंद्र ने भी इसकी तारीफ की है। केन्द्र सरकार के कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने कहा, देश के 223 जिलों में कोरोना coronavirus rus ) फैल चुका है। सभी जिलों को भीलवाड़ा से सीख लेनी चाहिए। बता दें कि भीलवाड़ा देश का पहला शहर है जहां 14 के कर्फ्यू के बावजूद भी 3 से 13 अप्रैल तक महाकर्फ्यू लगाया गया।

क्या है भीलवाड़ा मॉडल ( What is bhilwara Model )
गहलोत सरकार और स्थानीय प्रशासन ने समय रहते कड़े कदम उठाकर कोरोना को मात दे दी। लोगों ने भी प्रशासन का पूरा साथ लिया। जानिए कैसे भीलवाड़ा ने दी कोरोना को मात

1. पहला मामला आते ही प्रशासन एक्शन में आ गया। हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग की गई। जिले के सभी रास्तों पर चेकपोस्ट बनाकर सील कर दिया गया।

2. छह मामले आते ही जिले में कर्फ्यू लगा दिया गया। लोगों को घरों में रहने के लिए कहा गया। अस्पतालों में मरीजों की स्क्रीनिंग की गई। जिले की सीमाएं सील कर आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई।

3. कोरोना का संक्रमण जिले के बांगड़ अस्पताल में फैलना शुरू हुआ था। प्रशासन ने मरीजों की सूची निकलवाई। जिसके बाद उनके जिले के कलेक्टर को सूचित किया गया।

4. प्रशासन ने तत्काल छह हजार टीमें बनाई। जिले के 25 लाख लोगों की स्क्रीनिंग करवाई गई। जिसमें से 18 हजार सर्दी-जुखाम से ग्रस्त थे। इसके बाद एक हजार से ज्यादा लोगों को आइसोलेट किया गया। उन पर कड़ी निगरानी रखी गई। हर वार्डों में संक्रमण रोकने के लिए छिड़काव किया गया।

5. दूध सप्लाई के लिए डेयरी सुबह-सुबह दो घंटे खोली गई ताकि भीड़ ना हो। वार्ड के हिसाब से किराना स्टोर को होम डिलीवरी के लिए चिन्हित किया गया।

6. शहर के हर वार्ड में सब्जियां और फल पहुंचाने के लिए हर की ड्यूटी लगाई गई। इसके अलावा असहाय लोगों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई।

7. मामले आने के बाद प्रशासन ने सोशल डिस्टेंसिंग ( Social Distancing ) का पालन कराया। लोगों को इक्ट्ठा नहीं होने दिया। नियमों में और सख्ती की गई और कोरोना को हरा दिया।

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग