
दिल्ली दंगा मामले में आरोपी हैं कांग्रेस पार्षद इशरत जहां।
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा मामले में शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने पूर्व कांग्रेस पार्षद इशरत जहां को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। साथ ही अदालत ने कहा कि मंडोली जेल में आरोपी को कोविड संक्रमण से डरने की जरूरत नहीं है। बता दें कि कांग्रेस पार्षद इशरत जहां ने COVID-19 के प्रकोप का हवाला देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत से इशरत ने जेल से जमानत पर छोड़ने की मांग की थी।
जून में जमानत की अवधि बढ़ाने से किया था इनकार
इससे पहले 19 जून को भी पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली हिंसा मामले में आरोपी कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां की अंतरिम जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया था। 12 जून को इशरत जहां ने दिल्ली के एक बड़े कांग्रेसी नेता के बेटे से निकाह की थी। इशरत जहां को निकाह के लिए पटियाला हाउस कोर्ट ने 10 दिनों के लिए अंतरिम जमानत दी थी जिसे और बढ़ाने से अदालत ने इनकार कर दिया।
बता दें कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के समर्थकों और विरोधियों के बीच हिंसा के बाद 24 फरवरी को साम्प्रदायिक दंगे भड़क उठे थे। इस दंगे में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे।
Updated on:
27 Nov 2020 01:02 pm
Published on:
27 Nov 2020 12:57 pm
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