
नई दिल्ली : राजधानी में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में विभिन्न व्यापारी संगठनों ने आज दिल्ली बंद का आह्नान किया है। व्यापारिक संगठनों ने नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आज महा रैली का आह्वान किया है। व्यापारिक संगठनों ने बाजार बंद रखने और महारैली को सफल बनाने को लेकर जनसंपर्क अभियान भी चलाया है। महारैली में व्यापारियों को बाजारों से लाने के लिए लगभग साढ़े चार सौ बसों की व्यवस्था की गई है।
भीड़ जुटाने की तयारी में व्यापारिक संगठन
आंदोलन का आह्वान ऑल दिल्ली ट्रेडर्स एंड वर्कर्स एसोसिएशन ने किया है, जिसको कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट), चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, फेडरेशन ऑफ ट्रेड एसोसिएशंस समेत 2000 से अधिक कारोबारी संगठनों का समर्थन मिला है। महारैली में शामिल होने के लिए सभी दुकानदारों और कर्मचारियों से आग्रह किया जा रहा है। रामलीला मैदान में अन्ना हजारे के आंदोलन के कारण व्यापारिक संगठनों को आंदोलन के लिए ज्यादा जगह नहीं मिल पा रही है। कारोबारी नेता इस उम्मीद में है कि बुधवार सुबह तक अन्ना का आंदोलन खत्म हो सकता है। मैदान में महारैली के लिए मंच और पंडाल बनाने का काम देर रात तक जारी रहा। इस बीच विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ व्यापारियों के बीच बैठकों का दौर जारी है। कारोबारी संगठन इस आंदोलन के माध्यम से केंद्र व दिल्ली सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश में हैं ताकि सुप्रीम कोर्ट के सीलिंग के समबन्ध में आए आदेश को निष्क्रिय करने के लिए बिल लाया जा सके।
दिल्ली बंद का आह्वान
महारैली का समस्त राजनीतिक दलों ने समर्थन करने का ऐलान किया है। सीलिंग के विरोध में बुधवार को दिल्ली की करीब आठ लाख दुकानें और लगभग ढाई हजार बाजार बंद रहने का अनुमान है। राजधानी के समस्त व्यापारी संगठनों ने दिल्ली बंद और महारैली को सफल बनाने के लिए कमर कसी हुई है। व्यापारिक संगठनों ने दिल्ली को 11 जोन में बांटते हुए 11 टीमों का गठन किया है। ये टीमें अपने-अपने जोन के हर ट्रेड एसोसिएशन से संपर्क कर उनको महारैली में लेकर आएंगी। व्यापरी संगठनों का आरोप है कि केंद्र सरकार सीलिंग कार्रवाई रोकने के लिए अध्यादेश या फिर विधेयक लाने के पक्ष में दिखाई नहीं दे रही है। महारैली में एक लाख से अधिक लोगों के जुटने का अनुमान लगाया जा रहा है।
ये है मामला
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक निर्णय में दिल्ली के आवासीय इलाके में स्थित दुकानों को सील करने का दिल्ली सरकार और नगर निकायों को आदेश दिया था। उसके बाद से ही दिल्ली में दुकानों को सील करने का सिलसिला जारी है। चार माह से जारी सीलिंग के खिलाफ आयोजित दिल्ली बंद व महारैली के माध्यम से व्यापारी केंद्र व राज्य सरकार पर अध्यादेश या कानून लाकर सीलिंग से राहत देने, सीलिंग की जद में आए प्रतिष्ठानों को फिर से शुरू करने जैसी मांगें रखेंगे।
दोपहर बाद खुल जाएंगे बाजार
एक बजे के बाद चांदनी चौक और करोल बाग जैसे अधिकांश बाजार खुले रह सकते हैं। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भगवान बंसल ने बताया कि यह फैसला मार्च के अंतिम सप्ताह को देखते हुए लिया गया, क्योंकि महावीर जयंती के कारण चांदनी चौक के बाजार बृहस्पतिवार को भी बंद रहेंगे। टैक्स संबंधित मामलों को निपटाने के लिए यह सहूलियत दी गई है |
Updated on:
28 Mar 2018 12:11 pm
Published on:
28 Mar 2018 11:59 am
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