17 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘कल्कि अवतार’ होने का दावा करने वाले इंजीनियर को ‘मां दुर्गा’ का आदेश- ​बिना टिकट यात्रा पर निकलो

इस बार रमेशचंद्र ने दावा किया है कि उन्हें मां दुर्गा की ओर से आदेश मिला था कि मैं बिना टिकट देश भ्रमण के निकलूं।
2 min read
Google source verification

•

image

Mohit sharma

•

May 21, 2018

Gujarat

'कल्कि अवतार' होने का दावा करने वाले इंजीनियर को 'मां दुर्गा' का आदेश- ​बिना टिकट यात्रा पर निकलो

अहमदाबाद। खुद को भगवान विष्णु का अवतार बताने वाले रमेशचंद्र फेफर इन दिनों काफी चर्चाओं में हैं। गुजरात में अच्छे मानसून की भविष्यवाणी करने के बाद अब रमेशचंद्र दूसरी वजह से सुर्खियों में हैं। इस बार रमेशचंद्र ने दावा किया है कि उन्हें मां दुर्गा की ओर से आदेश मिला था कि मैं बिना टिकट देश भ्रमण पर निकलूं। बता दें कि रमेशचंद्र सरदार सरोवर पुनर्वास एजेंसी (एसएसपीए) में अधीक्षण अभियंता के पद पर तैनात हैं।

यह भी पढ़ें— पहले भारतीय जवानों के सामने गिड़गिड़ाए पाक रेंजर्स, फिर रात में शुरू कर दी गोलीबारी

भगवान से हमेशा रहा है संपर्क

रमेशचंद्र का दावा है कि वह मां दुर्गा का साधक हैं और बिना टिकट यात्रा का आदेश मां दुर्गा ने उसको दिया है। रमेशचंद्र का कहना है कि उसे मां दुर्गा और भगवान विष्णु की ओर से मानवता की भलाई के लिए काम करने का आदेश मिला है। अधीक्षण अभियंता ने यह भी दावा है कि वह हर समय भगवान के साथ संपर्क में रहते हैं। यही नहीं मां दुर्गा का भी उन पर पूरा नियंत्रण है। इंजीनियर का यहां तक दावा है कि वो दोहरे व्यक्तित्व वाले इंसान हैं। उनका एक भाव जीव और उूसरा पार ब्रह्म है।

यह भी पढ़ें— आंध्र प्रदेश के गुंटूर में नाबालिग के साथ दुष्कर्म, गुस्साए लोगों ने किया पथराव

इस तरह भगवान से करते हैं बात

रमेशचंद्र का दावा है कि जब वह 14 फरवरी 2008 को राजकोट में थे, तो उनको इस दिव्य शक्ति का अहसास हुआ। रमेशचंद्र के अनुसार इस दौरान उनके दिमाग का दाहिना भाग सक्रिय हो गया, जिससे उनको भगवान विष्णू का अंश होने का भान हुआ। इंजीनियर के अनुसार लगभग दो साल बाद 6 मार्च 2010 को जब वह ड्यूटी पर थे, मुझे भगवान विष्णु के खुद के भीतर होने के अहसान हुआ और तब से मैं उनसे जुड़ा रहता हूं।