कवायद: राज्यों को पाबंदियां लगाने की छूट, केंद्र ने 1 से 31 दिसंबर तक के लिए नई गाइडलाइन जारी की

Highlights.

- कोरोना की शुरुआत में सौ फीसदी आरटीपीसीआर टेस्ट हुए, अब 60 फीसदी से कम

- टेस्टिंग में फिसड्डी मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़, देश के औसत से भी पीछे

- गृह मंत्रालय ने कंटेनमेंट, सर्विलांस, सतर्कता को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है

नई दिल्ली.

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच गृह मंत्रालय ने बुधवार को कंटेनमेंट, सर्विलांस, सतर्कता को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। अब कंटेनमेंट जोन में सिर्फ आवश्यक गतिविधियों की इजाजत दी जाएगी। नियमों को कड़ाई से लागू करने की जिम्मेदारी स्थानीय जिला प्रशासन, पुलिस और निगम की होगी। जोन के बाहर लॉकडाउन के लिए केंद्र की मंजूरी लेनी होगी।

कंटेनमेंट जोन

  • - कंटेनमेंट जोन में जरूरी चीजों व मेडिकल जरूरतों की छूट मिलेगी।
  • - सर्विलांस टीम घर-घर कोरोना लक्षण की पहचान व टेस्टिंग करेंगी।
  • - संक्रमितों का तुरंत इलाज, होम आइसोलेशन या अस्पताल में रखें।
  • - राज्यों को जिलों में हालात के अनुसार पाबंदियां लगाने की छूट।
  • - कंटेनमेंट जोन की लिस्ट वेबसाइट और स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजनी होगी।

ऑफिस के लिए

  • - राज्य के कार्यालयों में सोशल डिस्टेंसिंग, नियमों का पालन।
  • - जिन शहरों में साप्ताहिक 10 फीसदी पॉजिटिविटी रेट है, वहां चरणबद्ध तरीके से ऑफिस टाइमिंग और अन्य उपाय लागू करें।
  • - जमावड़े के लिए हॉल की क्षमता का 50 फीसदी व अधिकतम 200 लोगों की अनुमति। राज्य 100 या कम कर सकते हैं।
Ashutosh Pathak
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