Farmer Protest: पांच प्रमुख मार्गों पर दिल्ली को घेरेंगे किसान, जानिए बीते 24 घंटों की बड़ी बातें

  • Farmer Protest के बीच पांच सीमाओं से दिल्ली की घेराबंदी को तैयार आंदोलनकारी
  • बीते 24 घंटों में गृह मंत्री से लेकर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उठाए बड़े कदम
  • किसान बातचीत को तैयार, लेकिन बिना किसी शर्त के

नई दिल्ली। कृषि कानूनों ( Farm Bill ) के खिलाफ आंदोलन( Farmer Protest ) कर रहे किसान सरकार से बातचीत को तो तैयार हैं, लेकिन बगैर किसी शर्त के। किसानों ने कहा कि सरकार को बातचीत करनी है बिना किसी शर्त के करे। यही नहीं सोमवार को किसानों ने दिल्ली घेरने की तैयारी भी कर ली है। राजधानी की सीमा पर डंटे किसान दिल्ली में पांच प्रमुख मार्गों के जरिए दिल्ली घेरने की तैयारी में हैं।

चार दिनों से सिंघु व टिकरी बॉर्डर पर डटे किसानों ने बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड जाने से भी साफ इनकार कर दिया है। किसानों ने कहा है कि हम बुराड़ी ग्राउंड नहीं जाएंगे। वहां जाने की बजाय हम नेशनल हाइवे समेत पांच मुख्य सड़कों को जाम कर राजधानी की घेराबंदी करेंगे। आईए जानते हैं बीते 24 घंटों में इस आंदोलन को लेकर क्या रहे प्रमुख घटनाक्रम।

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इन पांच रास्तों से होगी दिल्ली की घेराबंदी
केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर आंदोलनरत किसान संगठन बुराड़ी के निरंकारी मैदान जाने की जगह दिल्ली की पांच सीमाओं से अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।
इसके तहत सिंघु व टिकरी बार्डर के अलावा दिल्ली-जयपुर हाईवे, मथुरा-आगरा से दिल्ली हाईवे, दिल्ली-गाजियाबाद हाईवे जाम करेंगे। किसानों का धरना 5 सीमाओं पर चलेगा।

बीते 24 घंटों की अहम बातें

1. नड्डा के घर अहम बातचीत
किसान आंदोलन को लेकर बीजेपी अध्यक्ष भी हरकत में आए। रविवार रात जेपी नड्डा ने गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ उच्च स्तरीय बैठक की है। किसान आंदोलनकारियों के अड़ियल रुख को देखते हुए सभी संभावित उपायों पर बैठक में चर्चा की गई है।

2. गृहमंत्री की पेशकश को किसानों ठुकराया
किसान आंदोलन के बीच बीते 24 घंटों में गृहमंत्रालय की ओर से की गई पहल काफी अहम रही। गृह मंत्रालय ने किसान संगठनों को आश्वासन दिया कि एक उच्चस्तरीय दल प्रदर्शनकारियों से बातचीत को तैयार है, लेकिन इससे पहले उन्हें बुराड़ी मैदान जाना होगा। किसानों ने गृह मंत्रालय और गृह मंत्री अमित शाह की पेशकश को ठुकरा दिया। किसानों ने कहा कि वे बातचीत को तैयार हैं, लेकिन बिना किसी शर्त के।

3. शाह का बड़ा बयान
गृह मंत्री अमित शाह ने किसान आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने मैंने पहले कभी किसान आंदोलन को राजनीति से प्रेरित नहीं कहा, लेकिन अब कह रहा हूं। उन्होंने कहा कि कृषि के तीनों नए कानून किसानों के हित में हैं, लेकिन राजनीति से प्रेरित विपक्ष इसका गलत इस्तेमाल कर रहा है।

4. विपक्षी पार्टियों का भी केंद्र सरकार पर दबाव
विपक्षी पार्टियों ने भी रविवार को केंद्र सरकार पर किसान संगठनों से बातचीत पर जोर दिया। आप और कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों से बिना किसी शर्त के बातचीत कर इस आंदोलन को खत्म करना चाहिे।

5. पीएम मोदी ने ये कहा
मन की बात में पीएम मोदी ने भारत में खेती और उससे जुड़ी चीजों के साथ नए आयाम जुड़ रहे हैं। बीते दिनों हुए कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के रास्ते खोले हैं। किसान कई वर्षों से कुछ मांगें कर रहे थे, लेकिन किसी भी राजनीतिक दल ने ना इन्हें सुना और ना ही पूरा किया। नए कृषि कानून के बाद किसानों नए अधिकार और अवसर मिले हैं।

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6. 'आप' का किसान आंदोलन को समर्थन
उधर दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने किसान आंदोलन को समर्थन दिया है। आप नेता राघव चड्ढा ने कहा कि किसान दिल्ली में जहां भी विरोध करना चाहते हैं, उन्हें अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता किसान आंदोलनकारियों के लिए सेवादार के रूप में काम करेंगे।

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धीरज शर्मा
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