
नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में खड़ी हुई कैश की समस्या पर वित्त राज्यमंत्री एसपी शुक्ला ने सफाई दी है। वित्त राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास लगभग 1,25,000 करोड़ रुपए की कैश करंसी मौजूद है, लेकिन करंसी की मात्रा हर राज्य में अलग-अलग है। किसी राज्य में अधिक करंसी है तो किसी में इसका अनुपात कम है। उन्होंने कहा कि देश में करंसी का संतुलन बनाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी एक राज्य से दूसरे राज्य में करंसी ट्रांसफर करने का काम करेगी। शुक्ला ने उम्मीद जताई कि तीन दिन के भीतर कैश की किल्लत खत्म हो जाएगी।
इन राज्यों में खड़ी हुई समस्या
बता दे कि देश के पांच राज्यों मध्य प्रदेश , गुजरात, बिहार, उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में कैश की भारी समस्या खड़ी हो गई है। यहां एटीएम मशीनों से रुपए नहीं निकल पा रहे हैं। यहां तक कि एटीएम मशीनों के गेट पर 'नो कैश' का बोर्ड लटका दिया गया है। इन राज्यों में सबसे बुरे हालात बिहार के हैं, जहां नकदी समाप्त होने के कारण एटीएम बंद के शटर गिरा दिए गए हैं। समस्या इतनी गंभीर है कि लोग इसे नोटबंदी जैसी स्थिति बता रहे हैं। वहीं, देश की राजधानी दिल्ली में भी एटीएम से कैश न निकलने की शिकायत देखने को मिली है। लोगों ने शिकायत की है कि अधिकांश एटीएम केवल 500 रुपए के ही नोट दे रहे हैं।
आरबीआई ने अधिकारियों की बैठक
इस समस्या को लेकर आरबीआई ने अधिकारियों की बैठक बुलाई है। बैठक में सरकार और आरबीआई इस समस्या से निजात पाने के लिए मंथन करेगी। दरअसल, सबसे बड़ी समस्या इस बात को लेकर है कि कई राज्यों में बैसाखी, बिहू और सौर नव वर्ष जैसे त्योहार होने की वजह से लोगों को ज्यादा नकदी की जरूरत थी। ऐसे में कैश की कमी को लेकर कोई धोखाधड़ी का कारोबार न चल निकले इसलिए सरकार ने गंभीर रुख अख्तियार किया है।
Published on:
17 Apr 2018 12:09 pm
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