
Bipin Rawat
नई दिल्ली। पिछले दिनों भारतीय सेना के जवानों से नौकरों जैसा व्यवहार किए जाने के कई मामले सामने आए, जिसको लेकर काफी विरोध भी हुआ था। जवानों के साथ इस तरह के बर्ताव को रोकने की लगातार मांग की जा रही थी। अब सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने इस मुद्दे को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। उनकी ये गाइडलाइन काफी सख्त है।
बड़ी सख्त है आर्मी की नई गाइडलाइन
इस गाइडलाइन में सेना प्रमुख ने कहा है कि किसी भी फौजी से नौकरों (अर्दलियों) जैसा काम नहीं कराया जाएगा। इसके अलावा सीएसडी शराब, आर्मी कैंटीन के हो रहे दुरुपयोग को रोकने के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों पर भी लगाम लगाने की कोशिश की जाएगी। नई गाइडलाइन में कहा गया है कि वह अधिकारी जो किसी न किसी रूप में भ्रष्टाचार से जुड़े हैं वह बख्शे नहीं जाएंगे, चाहें वह किसी भी रैंक या कद के हों। इसके अलावा अपने फायदे के लिए सीएडी शराब और किराने के सामान का दुरुपयोग न करने की हिदायत दी है।
सैनिकों की फिटनेस सुधारना है जरूरी
नई गाइडलाइन में फौजियों के खान-पान को लेकर भी फैसला किया गया है। सेना प्रमुख ने कहा कि सैनिकों के खान पान में हो रहे बदलावों को देखते हुए उन्होंने पूरी, पकौड़ा और मीठे पर पूरी तरह से रोक लगाने की बात कही है और इसके बदले हेल्दी खान-पान को बढ़ावा देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सेना के आंतरिक स्वास्थ्य को सुधारने के लिए कई चीजों में बदलाव करना जरूरी है।
सेना में तेजी से विकलांगता और बीमारियां बढ़ रही हैं
इस गाइडलाइन के बारे में बताते हुए सेना के एक अधिकारी ने कहा है कि जवानों की फिटनेस का स्टैंडर्ड गिर रहा है। सेना में तेजी से विकलांगता और जीवन शैली से जुड़ी बीमारियां बढ़ रहा हैं। इतना ही नहीं युवा सैनिक बीपीईटी टेस्ट के दौरान घातक स्थिति में मिल रहे हैं।
आपको बता दें कि सेना सिर्फ देश की सुरक्षा ही नहीं बल्कि किसी भी आपदा की घड़ी में देश और देशवासियों के साथ खड़ी होती है। चाहें वह पर्यटकों द्वारा पहाड़ों पर की जा रही गंदगी को साफ करने की बात हो या फिर किसी आपदा में फंसे लोगों को निकालने की बात।
Published on:
11 Jul 2018 03:20 pm
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