खुशखबरी: E-mail address अब हिन्दी सहित 22 अन्य भाषाओं में भी बन सकेगी

Highlights.

- क्षेत्रीय भाषाओं में भी ई-मेल आइडी बन सकेगी

- नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया ने राजस्थान की एक टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ मिलकर यह किया है

- इस तकनीक में भारत विश्व में पहला देश बन गया है और इसकी नींव जयपुर में रखी गई

 

नई दिल्ली।

ई-मेल आइडी के लिए अंग्रेजी की बंदिश खत्म हो गई है। अब क्षेत्रीय भाषाओं में ई-मेल आइडी बन सकेगी। इसमें हिन्दी सहित 22 भाषाएं शामिल हैं। जैसे आपकी ई-मेल आइडी संपर्क/मुकेश.भारत हो सकेगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया ने राजस्थान की एक टेक्नोलॉजी कंपनी के साथ मिलकर यह कर दिखाया है। इस तकनीक में भारत विश्व में पहला देश बन गया है और इसकी नींव जयपुर में रखी गई।

यहां डाटा एक्सजेन टेक्नोलॉजी और नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया ने यह प्रोजेक्ट पूरा किया। डोमेन रजिस्टर कराने पर सरकार क्षेत्रीय भाषा में ई-मेल आइडी मुफ्त दे रही है। इसे आत्मनिर्भर भारत और भाषा की आजादी के साथ जोड़ा गया है।

22 भाषा में ई-मेल आइडी

हिन्दी, बोडो, डोगरी, कोंकणी, मैथिली, मराठी, नेपाली, सिंधी (देवनागरी), बंगाली, मणिपुरी, तेलुगू, गुजराती, उर्दू, तमिल, पंजाबी, कन्नड़, उडिय़ा, संस्कृत, सैथली, कश्मीरी, सिंधी (इन अरेबिक), मलयालम।

@ से पहले 'सम्पर्क’

ई-मेल आइडी के लिए @ से पहले के हिस्से का नाम सम्पर्क रहेगा। मसलन, मुकेश ने अपनी ईमेल आइडी बनाई तो यह बनेगी ‘सम्पर्क@मुकेश.भारत’

डोमेन रजिस्टर

मंत्रालय ने डोमेन रजिस्टर कराने की सुविधा दी है। यहां सशुल्क डोमेन रजिस्टर कराते ही आपके द्वारा चाही गई भाषा में ई-मेल आइडी बन जाएगी।

डिजिटल विकास की नई तकनीक अपनाने में अब भाषा बाधक नहीं रही। भारत ने यह कर दिखाया है। अब लोग ज्यादा से ज्यादा इसका उपयोग कर सकेंगे।
- अनिल जैन, सीईओ, नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ इंडिया

तीन साल की मेहनत से क्षेत्रीय भाषाओं में ई-मेल आइडी बनाने में सफल हुए हैं। केन्द्र सरकार ने यह डोमेन रजिस्टर करने पर नि: शुल्क ई-मेल आइडी उपल ध कराना शुरू करा दिया है।
- अजय डाटा, सीईओ, डाटा ए सजेन टे नोलॉजी

अंग्रेजी में केवल 255, क्षेत्रीय भाषा में 2 लाख कैरेक्टर
अंग्रेजी भाषा में ई-मेल आइडी बनाने के लिए अधिकतम 255 वर्ण (कैरेक्टर) का उपयोग होता है। इसमें अंग्रेजी के 26 स्वर (ए से जेड) के अलावा अन्य सि बल शामिल है। जबकि क्षेत्रीय भाषाओं में ई-मेल आइडी के लिए 2 लाख कैरेक्टर (वर्ण-अक्षर) शामिल किए गए हैं। इस मह वाकांक्षी प्रोजेक्ट में 3 साल से ज्यादा समय लगा।

Ashutosh Pathak
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