
Hizbul
श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से पहला जत्था बुधवार सुबह रवाना हो गया है। आतंकी खतरा होने के बाद भी अमरनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुधवार सुबह जम्मू से पहला जत्था रवाना कर दिया गया। अमरनाथ यात्रा पर आतंकी खतरे का अलर्ट सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही जारी कर दिया था। सुरक्षा एजेंसियों को बार-बार ये इनपुट मिलते रहे हैं कि आतंकी इस बार श्रद्धालुओं को निशाना बना सकते हैं। इस बीच हिजबुल मुजाहिदीन ने ये साफ कर दिया है कि अमरनाथ यात्रा को टारगेट करना उनका मकसद नहीं है।
हिजबुल कमांडर नहीं करेगा अमरनाथ यात्रियों पर हमला
हिजबुल के ऑपरेशनल कमांडर रियाज नैकू ने ये कहा है कि अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं पर हमला करना हमारा मकसद नहीं है, श्रद्धालु इस बात से आश्वस्त रहें कि हम उनको निशाना बनाएंगे। एक ऑडियो टेप में हिजबुल कमांडर ने कहा है कि अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु अपनी परंपराएं पूरी करने आते हैं, वह हमारे मेहमान हैं। जम्मू-कश्मीर में सेना के अभियान ऑपरेशन ऑल आऊट पर टिप्पणी करते हुए कहा अगर सेना का ऑपरेशन ऑल आऊट सफल था तो घाटी में एनएसजी कमांडो लाने का क्या मकसद है।
...फिर भी चौंकन्ना हैं सुरक्षा एजेंसियां
हालांकि अभी इस ऑडियो टेप की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर फैल रहे इस ऑडियो क्लिप में बोल रहा शख्स खुद को रियाज नाइकू बता रह है। आपको बता दें कि भारतीय सुरक्षा एजेंसिया अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। कश्मीर में बढ़ती आतंकी घटनाओं ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को बढ़ा दिया है। हालांकि केंद्र सरकार की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। 1364 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है जो लोगों की मदद करेगा। आरएफ आईडी कार्ड वहां के वाहनों पर लगाया जाएगा, जिनसे वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। जमीन के साथ ही आकाश से भी पूरी यात्रा के दौरान नजर रखी जाएगी। अमरनाथ यात्रा के संवेदनशील जगहों पर ड्रोन कैमरों से नजर रखने की तैयारी की जा रही है। दक्षिण कश्मीर में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की यात्रा इस साल 60 दिनों की होगी और ये यात्रा 28 जून से शुरू होकर 26 अगस्त तक चलेगी।
Published on:
27 Jun 2018 09:34 am
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