ऑक्सीजन की कमी पर गृह मंत्रालय की सख्ती, राज्यों से कहा- गाड़ियों को न रोकें, बाधा पहुंची तो DM-SP जिम्मेदार

राज्यों की ओर से किए गए आग्रह के बाद गृह मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ऑक्सीजन सप्लाई करने का आदेश दिया है।

नई दिल्ली। कोरोना महामारी की दूसरी लहर से भारत में हाहाकार मचा है। वहीं कई राज्यों में ऑक्सीजन की कमी से भी त्राही-त्राही मची है। ऑक्सीजन की कमी की वजह से हजारों मरीजों की जान खतरे में है। लिहाजा, राज्यों ने केंद्र सरकार से जल्द से जल्द ऑक्सीजन आपूर्ति करने का आग्रह किया है।

राज्यों की ओर से किए गए आग्रह के बाद गृह मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ऑक्सीजन सप्लाई करने का आदेश दिया है। जिन राज्यों में सबसे अधिक जरूरत है उन्हें प्राथमिकता के तौर पर पहले आपूर्ति की जा रही है।

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सबसे बड़ी बात कि ऑक्सीजन सप्लाई में बड़ी मात्रा में धांधली हो रही है। ऐसे में इसे रोकने और सही तरीके से सही समय पर राज्यों को ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए आपदा प्रबंधन कानून लागू किया है। इस नए आदेश में कहा गया है कि जो भी इस आदेश का उल्लंघन करता पाया जाएगा, उसे एक साल तक की जेल या जुर्माना या फिर दोनों सजा हो सकती है।

बता दें कि पिछले दिनों इम्पावर्ड ग्रुप 2 ने ऑक्सीजन की सबसे ज्यादा मांग वाले 12 राज्यों की मैपिंग की थी। इसके बाद गृह मंत्रालय की ओर से गुरुवार को ऑक्सीजन सप्लाई करने का आदेश दिया गया है।

आपदा प्रबंधन कानून लागू

आपको बता दें कि दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन की सप्लाई करने में देरी को लेकर उत्तर प्रदेश और हरियाणा सरकार पर आरोप लगाए थे। इसके बाद दोनों ही राज्यों ने भी दिल्ली सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

राज्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप को देखते हुए केंद्र सरकार ने सख्त फरमान जारी किया। गृह मंत्रालय ने देश में आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के तहत आदेश जारी करते हुए ये सख्त निर्देश दिया कि कोई भी राज्य या स्थानीय प्रशासन दूसरे राज्यों को होने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति को न तो सीमित कर सकता है और न ही रोक सकता है।

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आदेश में कहा गया है कि यदि किसी राज्य ने आदेश का पालन नहीं किया तो इसके लिए उस राज्य के संबंधित जिले के जिलाधिकारी (डीएम), उपायुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), पुलिस अधीक्षक (एसपी) निजी तौर पर जिम्मेदार होंगे।

इन चार बिन्दुओं पर सरकार का रहा जोर

आपको बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में गृह सचिव अजय भल्ला के हस्ताक्षर हैं। दो पेज में जारी किए निर्देश में इन चार मुख्य बिन्दुओम पर जोर दिया गया है..

- ऑक्सीजन सिलिंडर से भरी गाड़ियां या टैंकर को एक राज्य से दूसरे राज्य में आने-जाने में किसी तरह से कोई बाधा नहीं होनी चाहिए।

- ऑक्सीजन सिलिंडर से भरी गाड़ियों के एक शहर से दूसरे शहर या स्थानीय आवाजाही में समय की कोई बंदिश नहीं होगी।

- निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं पर ऑक्सीजन की आपूर्ति सिर्फ अपने ही राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के अस्पतालों तक आपूर्ति सीमित करने पर कोई पाबंदी नहीं होगी।

- किसी भी अथॉरिटी को संबंधित जिले से गुजरते वक्त ऑक्सीजन सिलिंडर से भरे वाहनों को जब्त करने का अधिकार नहीं होगा।

बाधा उत्पन करने पर होगी जेल

गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यदि कोई इस आदेश का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसे एक साल की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकता है। आदेश के मुताबिक, कोरोना के खिलाफ लड़ाई में ऑक्सीजन एक व्यापक हथियार है। यदि इसकी आपूर्ति में कोई बाधा उत्पन्न करने पर इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। लिहाजा, ऑक्सीजन बनाने वाले राज्यों में इसके निर्माण और आपूर्ति की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर रोक नहीं लगाया जाएगा।

Anil Kumar
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