AIIMS में कोरोना वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू, 30 साल के युवक को मिला पहला डोज

  • AIIMS में सबसे ज्यादा 100 लोगों पर इसका Trial किया जाएगा।
  • पहले चरण में 375 लोगों पर Human trial होगा।
  • Corona Vaccine हर व्यक्ति को दो डोज में दी जाएगी।

नई दिल्ली। कोविद-19 ( Covid-19 ) को मात देने के लिए भारत में भी कोरोना वैक्सीन ( Coronavirus Vaccine ) का ह्यूमन ट्रायल ( Human Trial ) शुरू हो गया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ( AIIMS ) में शुक्रवार को भारत में बनी स्वदेशी कोरोना की वैक्सीन ( COVAXIN ) का पहला डोज एक 30 वर्षीय युवक को दिया गया। युवक को वैक्सीन का डोज देने के बाद अभी तक कोई दुष्परिणाम सामने नहीं आए हैं।

एम्स ( AIIMS ) में 30 वर्षीय युवक को 1 बजकर 30 मिनट पर कोरोना वैक्सीन की डोज दी गई। दो घंटे निगरानी करने के बाद युवक को घर भेज दिया गया।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ( AIIMS ) सामुदायिक चिकित्सा केंद्र के प्रोफेसर और मुख्य अध्ययनकर्ता डॉ संजय राय ( Dr. Sanjay Rai ) ने इस बारे में बताया कि कोरोना वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल कराने के लिए पिछले शनिवार से अभी तक 3500 से अधिक लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इनमें से 22 की स्क्रीनिंग चल रही हैं।

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डॉ. संजय राय ने बताया कि दिल्ली निवासी पहले व्यक्ति कोरोना वैक्सीन का डोज देने से दो दिन पहले जांच की गई थी। कोरोना वैक्सीन का डोज देने के लिए उसका स्वास्थ्य मानदंड ( Health criteria ) के अनुरूप पाया गया। युवक को कोई अन्य बीमारी भी नहीं है।

कोरोना वैक्सीन ( Corona Vaccine ) के 0.5 मिलीलीटर की पहली डोज उसे दोपहर 1.30 बजे के आसपास इंजेक्शन दी गई। अभी तक कोई दुष्प्रभाव नहीं दिखाई दिया है। उसे दो घंटे लगातार डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया। आगामी 7 दिनों तक एम्स के चिकित्सक उस पर निगरानी रखेंगे।

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पहले चरण में 350 लोगों पर होगा ट्रायल

बता दें कि भारत में ह्यूमन ट्रायल के पहले चरण में 375 लोगों पर परीक्षण होगा। इनमें से अधिकतम 100 का परीक्षण एम्स में होंगे। डॉ. संजय राय के मुताबिक दूसरे चरण में सभी 12 संस्थानों से मिलाकर कुल करीब 750 लोग शामिल होंगे। पहले चरण में टीके का परीक्षण 18 से 55 साल के ऐसे स्वस्थ लोगों पर किया जाएगा जिन्हें अन्य कोई बीमारी नहीं है।

एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ( AIIMS Director Dr. Randeep Guleria ) के बताया कि दूसरे चरण में 12 से 65 साल की उम्र के 750 लोगों पर यह परीक्षण किया जाएगा।

ह्यूमन ट्रायल के लिए अलग से Clinical Area

एम्स में ह्यूमन ट्रायल के लिए अलग से क्लीनिकल एरिया ( Clinical Area ) तैयार किया गया है। यह एरिया इमरजेंसी ( Emergency ) के पास बनाया गया है। ताकि वैक्सीन का कोई रिएक्शन होने पर तत्काल वॉलंटियर्स को समुचित इलाज उपलब्ध कराया जा सके। हर व्यक्ति को यह वैक्सीन दो डोज में दी जाएगी। इसलिए 24 जुलाई को जिन-जिन लोगों को वैक्सीन दी जाएगी उन्हें 14 दिन बाद दूसरा डोज दिया जाएगा।

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