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जोधा अकबर की कहानी सुनाकर जज ने रोका पति-पत्नी का तलाक

खरगोन की नेशनल लोक अदालत के सीजेएम गंगाचरण दुबे की काउंसलिंग के चलते फिल्मी अंदाज में इस दंपती का मिलन हुआ

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Shakti Singh

Dec 13, 2015

Mp news

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खरगोन। धर्म के नाम पर अलग हुए पति पत्नी को जज ने जोधा अकबर की कहानी सुनाकर एक कर दिया। डेढ़ साल तक अलग रहे पति पत्नी ने समझौता कर लिया और साथ-साथ रहने लगे। खरगोन की नेशनल लोक अदालत के सीजेएम गंगाचरण दुबे की काउंसलिंग के चलते फिल्मी अंदाज में इस दंपती का मिलन हुआ।

केके खेशगी ने शबनम से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद खेशगी ने स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन कर लिया। 5 जून 2014 को टैगोर पार्क कॉलोनी स्थित उनके मकान पर कुछ असामाजिक तत्वों ने अचानक पथराव व हमला कर दिया। इस घटना के बाद शबनम अलग रहने लगी थी। इसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा जहां तलाक के लिए अपील की गई थी। सीजेएम दुबे ने दोनों की काउंसलिंग की।

काउंसलिंग के दौरान उन्होंने जोधा अकबर का उदाहरण देते हुए कहाकि, जोधा हम आपके धर्म का सम्मान करते हैं। आप पूरी तन्मयता से अपने धर्म और आस्था को मान सकती हैं। हम धर्म के अलग अनुयायी हो सकते हैं परंतु मंजिल एक है। क्या आपने जोधा-अकबर के बीच का यह संवाद सुना है? क्या आपने जोधा-अकबर से जुड़ी ऐतिहासिक फिल्म या कोई टीवी सीरियल देखा है। आपकी जिंदगी में यह अनोखा नहीं है। इतिहास में ऐसे कई किस्से हैं, जिसमें धर्म को दरकिनार कर प्रेम को गढ़ा है। जोधा-अकबर इसी समर्पण और प्यार का नाम है। आप अपनी जिंदगी को नए सिरे से जिएं।

इन बातों का इतना प्रभाव हुआ कि खेशगी और शबनम ने एक होने का फैसला कर लिया। बेटे शिवकुमार (चाल्र्स) को देखकर मां शबनम की आंखों में आंसू आ गए और उसे गले लगा लिया। इस घटना के आरोपियों पर चल रहे मामले को भी अदालत के समक्ष आरोपियों की माफी के बाद खत्म कर दिया गया।

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