DELHI: नाबालिग के साथ दरिंदगी, क्या राज्य सरकार को Delhi Police की कमान मिलने से रुक जाएंगे ऐसे मामले?

दिल्ली (Crime in Delhi) में एक नाबालिग के साथ रेप ( Rape With Minor Girl ) की घटना से बवाल मचा हुआ है। एक बार फिर दिल्ली पुलिस (Delhi Police) का मामला सामने आ रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दिल्ली पुलिस को राज्य सरकार के अधीन करने से रेप जैसी घटनाएं रुक सकती है?

नई दिल्ली। देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ( Delhi Crime ) में एक 13 साल की नाबालिग ( Rape With Minor Girl ) के साथ दिलदहलाने वाली घटना घटी है। पश्चिम विहार ( Paschim Vihar ) के पीरागढ़ी ( Peera Garhi ) में उसके साथ बर्बरतापूर्वक रेप ( Rape ) किया गया और उसकी हत्या ( Murder) करने की कोशिश की गई। पी़ड़िता की बॉडी पर कैंची से हमले किए गए हैं। पड़ोसियों ने जब पीड़िता को देखा तो वह खून से पूरी लथपथ थी। दिल्ली ( Delhi Nirbhaya Gang Rape Case ) में निर्भया जैसी इस घटना से एक बार फिर बवाल मच गया है और सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। लेकिन, सवाल ये है कि आखिर इस तरह की घटनाएं यहां लगातार क्यों हो रही है? इसका जिम्मेवार कौन है? क्या दिल्ली पुलिस (Delhi Police) राज्य सरकार ( State Government ) के अधीन नहीं है इस कारण से ऐसी घटनाएं हो रही हैं? जिसका जवाब मिलना जरूरी है। क्योंकि, महिलाओं की सुरक्षा का हाल काफी चिंताजनक है। लोगों को समझ नहीं आ रहा कि केंद्र सरकार ( Central Government ) की दिल्ली पुलिस (Delhi Police) इतनी बेबस क्यों है? खासकर, जिस शहर में गृह मंत्रालय (Home Ministry) है, अपराध को लेकर उसका हला इतना खतरनाक क्यों होता जा रहा है?

दरअसल, राष्ट्रीय राजधानी में पहली बार इस तरह की घटना नहीं घटी है। इससे पहले निर्भया गैंगेरप ( Nirbhaya Gang Rape Case ) की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। लेकिन, क्या दिल्ली में इस तरह की घटना ऐसे ही घटती रहेगी? क्या राज्य (State) और केन्द्र सरकार (Central Government) की आपसी कलह के कारण ऐसे ही अपराध होते रहेंगे? आखिर, महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसके हाथ में है? अपराध के मामले में दिल्ली सरकार (Delhi Government) अक्सर कहती रहती है कि दिल्ली पुलिस उसके अधीन नहीं है। इसका मतलब ये हुआ कि अगर दिल्ली पुलिस को राज्य सरकार के अधीन कर दिया जाए तो क्या इस तरह के अपराध रुक जाएंगे? दिल्ली पुलिस को लेकर राज्य और केन्द्र के बीच अक्सर तू-तू, मैं-मैं होती रहती है। कई ऐसे मौके आए हैं, जब राज्य सरकार ने कहा है कि दिल्ली पुलिस हमारी बात सुनती तो इस तरह की घटनाएं नहीं होती। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दिल्ली पुलिस को राज्य सरकार के अधीन सौंप दिया जाए? दिल्ली पुलिस राज्य सरकार के अधीन आती है तो क्या रेप जैसी घटनाएं रुक जाएंगी? क्योंकि, नेशनल कैपिटल में जब भी कोई अपराध होता है तो पुलिस का मसला जरूर उठता है।

कई बार कहा जाता है कि दिल्ली पुलिस (Delhi Police) केन्द्र सरकार ( Central Governmnet ) के अधीन है, लिहाजा मामले की जांच करने में भी कठिनाई होती है। कई बार घटनास्थल पर समय पर पुलिस नहीं पहुंच पाती है। क्योंकि, उसे केन्द्र से आदेश नहीं मिले होते। हाल ही में दिल्ली हिंसा ( Delhi Violence के दौरान भी यह मामला उठा था। राज्य सरकार का कहना था कि अगर दिल्ली पुलिस हमारे अधीन होती तो दंगा इतना नहीं भड़का होता। राज्य सरकार का आरोप था कि केन्द्र अपने हिसाब से दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल कररती है। दरअसल, दिल्ली की जिम्मेदारी भले ही राज्य सरकार की है लेकिन पुलिस के मामले में यहां केन्द्र का चलता है। आपराधिक घटनाओं की जिम्मेदारी राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है। लेकिन, दिल्ली पुलिस के सामने राज्य सरकार मजबूर हो जाती है। ऐसे में दिल्ली पुलिस को राज्य सरकार के अधीन करने से उसकी पूरी जवाबदेही हो जाएगी। अगर दिल्ली पुलिस राज्य सरकार के अधीन आती है, तो वह अपने हिसाब से पुलिस का इस्तेमाल कर सकती है। कुछ हद तक इससे फायदा भी हो सकता है। हालांकि, यह पूरी तरह से नहीं कहा जा सकता है कि अगर दिल्ली पुलिस राज्य सरकार के अधीन आती है तो रेप (Rape) जैसी घटनाओं पर विराम लग जाएगी।

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Kaushlendra Pathak
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