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Delhi Metro के सख्त नियमों को तोड़ने पर देना होगा कई गुना जुर्माना, जानें और क्या-क्या होंगे नियम

Delhi Metro में पहले से ज्यादा सख्त नियमों के दायरे में यात्रियों को करना होगा सफर। मेट्रो के नियमों का उल्लंघन करने पर न्यूनतम जुर्माना 500 रुपए देना बाध्यकारी। जुर्माना देने से इनकार करने पर दिल्ली पुलिस एफआईआर ( FIR ) दर्ज कर चला सकती है मुकदमा।
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नई दिल्ली

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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 29 Aug 2020, 11:43 AM IST

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मेट्रो के नियमों का उल्लंघन करने पर न्यूनतम जुर्माना 500 रुपए देना बाध्यकारी।

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Pandemic ) और लॉकडाउन ( Lockdown ) के बाद से दिल्ली मेट्रो ( Delhi Metro ) का परिचालन बंद है। अनलॉक-4 ( Unlock-4 ) में मेट्रो का परिचालन शुरू होने की संभावना है। लेकिन अब मेट्रो का सफर किसी के लिए भी आसान नहीं होगा। पहले से ज्यादा सख्त नियमों के दायरे में लोग मेट्रो में सफर करेंगे।

इन बातों को सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ( DMRC ) की दो दिन पहले बैठक हुई। इसमें सीआईएसएफ, दिल्ली पुलिस, यूपी और हरियाणा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। इसमें मेट्रो के लिए नए प्रोटोकॉल के बारे में निर्णय लिया गया।

जानकारी के मुताबिक बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अगर मेट्रो सेवा शुरू होती है तो भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ( ICMR ) द्वारा निर्धारित सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन कराने पर जोर दिया जाएगा। सीआईएसएफ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल जितेन्द्र राणा ने कहा कि सीआईएसएफ ( CISF ) की अल्फा टीमें और फ्लाइंग स्क्वॉड चेकिंग और निगरानी करेंगे। हमारे नियमित सुरक्षा कार्यों के अलावा, हमारी टीमें दिल्ली मेट्रो या परिसर की स्वच्छता को बाधित करने वाले किसी भी व्यक्ति पर नज़र रखेंगी। ऐसे उल्लंघनकर्ताओं को पकड़ा जाएगा और जुर्माना लगाया जाएगा।

पहली बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए 500 रुपए के जुर्माना का प्रावधान होगा। ऑफेंस दोहराने वाले के लिए यह जुर्माना कई गुना ज्यादा हो सकता है। जुर्माना देने से इनकार करने या मना करने वालों पर मुकदमा चलाया जा सकता है। उन्हें दिल्ली पुलिस की इकाई दिल्ली मेट्रो रेल पुलिस को सौंप दिया जा सकता है।'

मेट्रो सफर में क्या हो सकते हैं बदलाव

एक कोच में 40 से 50 सवारियों के ही बैठने-खड़े होने की अनुमति होगी। अभी एक कोच में 120 सवारी सफर करती हैं। एक ट्रेन में 6 कोच हैं। एक-एक सीट छोड़कर सवारियों को बैठाया जाएगा।

माना जा रहा है कि 1 सितंबर से पहले जारी होने वाले अनलॉक-4 की गाइडलाइंस ( Guidelines ) में दिल्ली मेट्रो को फिर से शुरू करने के आदेश आ सकते हैं।

बता दें कि 22 मार्च से दिल्ली मेट्रो का परिचालन बंद है। देश में अनलॉक की शुरुआत से ही अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट को शर्तों और छूट के साथ इजाजत दे दी गई। मगर मेट्रो की सेवा अनलॉक-3 तक बंद है। जबकि मेट्रो से रोजाना 2.4 मिलियन यात्री सफर करते हैं।

मेट्रो में सफर करने के प्रस्तावित नियम

1. हर व्यक्ति के मोबाइल में आरोग्य सेतु ( Arogya Setu App ) एप होना जरूरी। हर सवारी की थर्मल स्क्रीनिंग ( Thermal screening ) के बाद ही सफर की अनुमति दी जाएगी।

2. कोरोना के लक्षण होने पर सफर नहीं करने दिया जाएगा। मेडिकल टीम बुलाई जाएगी। हर सवारी के चेहरे पर मास्क होना चाहिए।

3. स्टेशन और प्लेटफार्म पर बनाए गए निश्चित बॉक्स में ही लोगों को खड़ा होना होगा। ऐसा नहीं करने पर जुर्माना लिया जाएगा।

4. दिव्यांग और बुजुर्ग को छोड़कर बाकी को लिफ्ट का प्रयोग करने की इजाजत नहीं होगी। सवारी को सेनेटाइज करने के बाद ही स्टेशन के अंदर प्रवेश दिया जाएगा।

5. मेट्रो या मेट्रो परिसर में जो भी यात्री थूकता या गंदगी करता हुआ पकड़ा जाएगा, उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। जो लोग मास्क पहनने जैसे नियमों का पालन नहीं करेंगे, जो सोशल डिस्टेंसिंग ( Social Distancing ) के उद्देश्य से खाली छोड़ी गई सीट पर जानबूझकर बैठ मानदंडों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उन पर भी भारी जुर्माना लगाया जाएगा।