कोविड-19 के खिलाफ आईआईटी मद्रास के छात्रों ने बनाया था ‘बैंड, अब उन्हीं पर टूटा कोरोना का कहर

  • हॉस्टल में रहने वाले सभी छात्रों का होगा कोविड-19 टेस्ट।
  • आईआईटी मद्रास ने एनआईटी वारंगल के पूर्व छात्रों के साथ मिलकर बनाया था बैंड।

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण का प्रकोप जारी है। इस बीच खबर यह आई है कि आईआईटी मद्रास कोरोना वायरस की चपेट में आ गया है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि आईआईटी मद्रास के हॉस्टल में अब 10 प्रतिशत छात्र रह गए हैं। शेष छात्र कोरोना के डर से हॉस्टल खाली कर चुके हैं। देश और दुनिया में चर्चित आईआईटी मद्रास को अपनी इसी क्षमता के साथ काम चलाना पड़ रहा है। फिलहाल आईआईटी मद्रास ने हॉस्टल में रहने वाले सभी छात्रों के लिए कोविड-19 सैंपल टेस्ट कराने का फैसला लिया है। साथ की कोरोना को लेकर विशेष एहतियात बरतने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

संक्रमण को रोकने के लिए बनाया था बैंड

बता दें कि जुलाई, 2020 में आईआईटी मद्रास के छात्रों को कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली थी। दरअसल, यहां के छात्रों ने कलाई पर पहनने वाले बैंड बनाया था। इसकी मदद से कोरोना के लक्षण आसानी से पता लगाए जा सकते हैं। इस बैंड के जरिए कोरोना के शुरुआती लक्षण का ही पता चल जाता है। इस बैंड को आईआईटी में स्टार्ट अप ‘म्यूज वियरेबेल्स’ की शुरुआती पूर्वी छात्रों के एक समूह ने एनआईटी वारंगल के पूर्व छात्रों के साथ मिलकर बनाया है।

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