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आयकर विभाग ने जारी की चेतावनी, बेनामी संपत्ति से रहे दूर वरना होगी जेल

आयकर विभाग ने विज्ञापन जारी कर आम आदमी को बेनामी संपत्ति से दूर रहने की हिदायत दी है।
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Chandra Prakash Chourasia

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Jan 10, 2018

modi

नई दिल्ली। बेनामी संपत्ति के खात्मे के लिए मोदी सरकार लगातार बड़े फैसले ले रही है। इसी के तहत आयकर विभाग ने विज्ञापन जारी कर आम आदमी को बेनामी संपत्ति से दूर रहने की हिदायत दी है। इसके साथ ही बताया है कि नए कानून के तहत बेनामी संपत्ति की खरीदारी करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


बेनामी लेनदेन पर 7 साल की सजा
आयकर विभाग ने देश के प्रमुख अखबारों ने बेनामी संपत्ति को लेकर एक विज्ञापन प्रकाशित करवाया है। जिसका शीर्षक है 'बेनामी लेनदेन से दूर रहें'। विज्ञापन में कहा गया है कि बेनामीदार, लाभकारी व ऐसे लोग जो बेनामी लेनदेन करते हैं, उन्हें 7 साल तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा उनपर बेनामी संपत्ति की मार्केट वैल्यू के आधार पर 25 प्रतिशत तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।


गलत जानकारी देने पर भी सजा का प्रावधान
यही नहीं अगर कानून के संबंध में गलत जानकारी दी जाती है, तो उन्हें 5 साल तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा बेनामी संपत्ति की मार्केट वैल्यू के आधार पर 10 फीसदी का जुर्माना देना होगा।


एक साल में 1833 करोड़ की बेनामी संपत्ति जब्त
बता दें कि आयकर विभाग ने नवंबर 2016 से अक्टूबर 2017 के बीच 1833 करोड़ की बेनामी संपत्ति जब्त की है। इतना ही नहीं बेनामी संपत्ति रखने वाले 517 लोगों को नोटिस भेजा है, इसमें 541 जब्ती की कार्रवाई को अंजाम भी दिया गया है।


सरकार को सपंत्ति जब्त करने का अधिकार
आयकर विभाग ने विज्ञापन में कहा है कि सरकार सभी तरह की बेनामी संपत्ति को जब्त और सीज कर सकती है। आयकर विभाग ही बेनामी लेनदेन संशोधन एक्ट,2016 को लागू करने वाला नोडल विभाग है। गौरतलब है कि सरकार के कहने पर आयकर विभाग ने 1 नवंबर 2016 से बेनामी लेनदेन के एक्ट में बदलाव किया है।


क्या होती है बेनामी संपत्ति?
वो संपत्ति जो किसी ऐसे व्यक्ति के नाम पर है जिसका कोई अस्तित्व नहीं है या वह काल्पनिक है। या फिर जहां संपत्ति ऐसे व्यक्ति के नाम पर है जिसे संपत्ति के लेन-देन के बारे में पता ही नहीं है या वह स्वामित्व लेने से मना कर देता है। प्रतिफल का भुगतान करने वाला व्यक्ति काल्पनिक है या जिसके बारे में जानकारी नहीं है।