परीक्षण नौसेना की ओर से छोड़ी
गई एक मिसाइल के पर किया जाएगा। मिसाइल को इस्त्राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज, भारत के
डीआरडीओ, इस्त्राइल के "एडमिनिस्ट्रेशन फॉर द डेवलपमेंट ऑफ वेपन्स एंड टेक्नोलॉजिकल
इंफ्रस्ट्रक्चर, एल्टा सिस्टम्स, राफेल तथा दूसरी कंपनियों की ओर से संयुक्त रूप से
विकसित किया जा रहा है। बराक-8 को भारतीय नौसेना के लिए बड़ी संपत्ति माना जा रहा
है क्योंकि इसमें पाकिस्तान और चीन की नौसेना की ओर से दागे जाने वाले किसी भी पोत
रोधक मिसाइल को नष्ट करने की क्षमता है।