
चीन को चित करने आ रह है रफाल लड़ाकू विमान
नई दिल्ली। भारत और चीन ( India China Tension ) के बीच पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी ( Galwan Valley ) में हुई हिंसक झड़प के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। चीन की चिंता बढ़ने वाली है क्योंकि चीन को चित करने के लिए भारत जबरदस्त तैयारी कर ली है। दरअसल फ्रांस जल्द ही भारत को रफाल विमानों ( Rafale Fighter Aricraft ) की डिलीवरी करने जा रहा है। दरअसल भारतीय वायुसेना ( Indian Air Force ) के विशेष निवेदन के बाद फ्रांस रफाल विमानों की डिलीवरी समय से पहले करने को तैयार हो गया है।
भारत को रक्षा क्षेत्र में मजबूत करने और चीन ( China ) को धूल चटाने के लिए दुनिया के कई देशों ने सरकार को सहयोग करने की पेशकश की है। ऐसे में जल्द ही भारत को फ्रांस के अलावा अमरीका और इजरायल से अत्याधुनिक हथियार मिल सकते हैं।
जुलाई अंत तक आएगी पहली खेप
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्रांस से रफाल विमानों की पहली खेल 27 जुलाई यानी जुलाई के अंत तक आने की उम्मीद है। रफाल की पहली डिलीवरी अंबाला एयरबेस पर होगी। हालांकि इस मामले में वायुसेना की ओर से कोई आधिकारी बयान सामने नहीं आया है।
36 रफाल विमानों की होनी है डिलीवरी
फ्रांस के साथ लड़ाकू विमानों की जो डील मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान 2016 में हुई थी। इसके मुताबिक भारत में 36 रफाल लड़ाकू विमान आने हैं।
यह डील करीब 59 हजार करोड़ रुपये की थी। इन विमानों के जरिए भारत की वायुसेना को और ताकत मिलेगी।
पहली खेप में आ सकते हैं 6 विमान
दरअसल करीब 10 रफाल लड़ाकू विमान डसॉल्ट एविएशन की ओर से तैयार किए जा चुके हैं। वहीं इनमें से 6 रफाल की पहली खेप अब भारत में जुलाई अंत तक आ सकती है।
भारतीय पायलट उड़ाकर लाएंगे रफाल
संयुक्त अरब अमीरात में अबू धाबी के पास अल ढफरा हवाई अड्डे पर एक स्टॉपओवर के साथ जुलाई-अंत में भारत में रफाल लाने की तैयारी है। खास बात यह है कि इन विमानों को भारतीय पायलट उड़ाकर लाएंगे।
इस वजह से पहली बार में नहीं आएंगे 10 विमान
भारत आने वाली रफाल विमानों की पहली खेप में फिलहाल 6 विमानों को ही शामिल किया गया है, जबकि फ्रांस 10 विमान तैयार कर चुका है। दरअसल इसके पीछे भी वजह है, बाकी विमानों की फ्रांस को जरूरत पड़ेगी। इन विमानों के जरिये फ्रांस भारतीय वायुसेना के पायलट और क्रू को और ट्रेनिंग दी देगा।
फ्रांसीसी वायुसेना अपने एयरबस A330 मल्टी-रोल टैंकर परिवहन (MRTT) विमान के जरिए रास्ते में रफाल लड़ाकू विमान में ईंधन भरेगा।
चीन विवाद के बीच बढ़ेगी ताकत
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद के बीच रफाल लड़ाकू विमान की डिलीवरी में तेजी से भारत को और मजबूती मिलेगी।
2021 में होना थी डिलीवरी
दरअसल इससे पहले फ्रांस की ओर से 2021 फरवरी में 18 रफाल लड़ाकू विमान की डिलीवरी भारतीय वायुसेना को की जानी थी। जबकि अन्य बचे विमान मई 2022 तक आने थे। फ्रांस ने पहला रफाल 8 अक्टूबर 2019 को भारत को सौंप दिया था।
Updated on:
29 Jun 2020 05:29 pm
Published on:
29 Jun 2020 04:20 pm
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