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UN में आमने-सामने होंगे भारत-पाक, सुषमा करेंगी भारत का नेतृत्व

यूएन जनरल असेंबली के इस माह होने वाले 71th सेशन में भारत-पाकिस्तान दोनों आमने-सामने हो सकते हैं

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Sunil Sharma

Sep 17, 2016

sushma-swaraj

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नई दिल्ली। यूएन जनरल असेंबली के इस माह होने वाले 71th सेशन में भारत-पाकिस्तान दोनों आमने-सामने हो सकते हैं। पाक मीडिया के अनुसार पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ इस साल भी यूएन जनरल असेंबली में कश्मीर मुद्दा उठाएंगे। ऐसा होने पर भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पलटवार करते हुए उन्हें तीखा जवाब दे सकती है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दा उठाया था जिस पर सुषमा ने जवाब दिया था।

सुषमा स्वराज की अगुवाई में जाएगा भारतीय डेलीगेशन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार संयुक्त राष्ट्र में भारतीय डेलीगेशन को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज लीड करेंगी। उनकी स्पीच 26 सितंबर को रखी गई है। पीएम मोदी इस मीटिंग में भाग नहीं लेंगे। पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ 21 सितंबर को स्पीच देंगे। लगातार कुछ समय से पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर हिंसा का मुद्दा उठा रहा है। इस पर जवाब देते हुए भारत ने पिछले 70 वर्षों में पहली बार यूएन ह्यूमन राइट्स काउंसिल (UNHRC) में 14 सितंबर को बलूचिस्तान का मुद्दा उठाया। जिस पर पाक ने कड़ी आपत्ति जताई थी।

पाक के विदेश विभाग ने कहा है कि यूएन में उनका मुख्य एजेंडा कश्मीर में भारतीय आर्मी का ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन होगा। पाक ने ये भी कहा कि वे यूएन समेत वर्ल्ड कम्युनिटी को कश्मीर में हालात बेहतर करने के लिए आवाज उठाने को कहेंगे।

नवाज शरीफ ने की हुर्रियत नेताओं से बातचीत
एक अंग्रेजी अखबार के अनुसार नवाज शरीफ ने पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में हुर्रियत नेताओं से बातचीत की थी। वहां उन्होंने हुर्रियत नेताओं को आश्वासन दिया कि वे यूएन जनरल असेंबली के 71th सेशन में कश्मीर का मुद्दा जरूर उठाएंगे। शरीफ ने कहा, "पाकिस्तान कश्मीरियों को मॉरल, डिप्लोमैटिक और पॉलिटिकल सपोर्ट देना जारी रखेगा। कश्मीरियों का आंदोलन एक दिन सफल होगा।

गत वर्ष ऐसे दिया था सुषमा ने पाकिस्तान को जवाब
गत वर्ष नवाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र में अपनी स्पीच देते हुए भारत के साथ रिश्ते सुधारने की जरूरत बताई और चार शर्तें भी साथ में रखी। ये थी। (1) भारत कश्मीर से सेना हटाए। (2) फलस्तीन और कश्मीर में विदेशी दखल खत्म हो। (3) भारत पाकिस्तान में अस्थिरता फैलाना बंद करे, क्योंकि हम खुद आतंकवाद के शिकार हैं। (4) भारत सैन्य ताकत के इस्तेमाल से परहेज करे।

इस पर सुषमा ने नवाज पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि चार सूत्रों की जरूरत नहीं है। एक ही सूत्र काफी है। आतंकवाद छोड़िए और बैठकर बात कीजिए। पीएम मोदी ने भी उनकी इस स्पीच की तारीफ करते हुए इसे एक्सीलेंट बताया था।

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