
नई दिल्ली। आतंकवादियों के खिलाफ भारतीय सेना ने रविवार को इस साल की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सेना ने इस ऑपरेशन क्लीन में लेफ्टिनेंट उमर फैयाज के हत्यारों को मौत के घाट उतारकर अपना प्रतिशोध भी ले लिया है। शोपियां और अनंतनाग में एकसाथ तीन एनकाउंटर में हमारे जवानों ने 13 आतंकियों को मार गिराए है। इस मुठभेड़ में आतंकियों का सामना करते हुए 4 जवान भी शहीद हुए हैं और तीन नागरिक भी मारे गए हैं।
पाक ने आतंकियों को बताया शहीद
वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान एकबार फिर नीचता पर उतारू हो गया। पाकिस्तानी मीडिया ने कश्मीर में मारे गए 13 आतंकियों के मामले को प्रमुखता से उठाया है। भारतीय सेना की गोली के शिकार हुए आतंकवादियों को पाकिस्तान ने अपना शहीद बताए हुए कहा कि वो आजादी के लिए कुर्बान हुए हैं
कहां कितने आतंकवादी मारे गए?
- शोपियां के द्रागढ़ गांव में सात आतंकवादी मारे गए। जो रविवार को हुई कार्रवाई में सबसे अधिक है।
- अनंतनाग के दियालगाम में एक आतंकवादी मारा गया, जबकि एक अन्य आतंकवादी गिरफ्तार किया गया।
- शोपियां के कचदूरा गांव में लश्कर के एक टॉप कमांडर समते चार आतंकवादी मारे गए।
टॉप कमांडर भी ढेर
शोपियां के द्रागढ़ गांव एनकाउंटर में लश्कर-ए तैयबा का एक टॉप कमांडर भी मारा गया है। जीनत-उल इस्लाम मौजूदा वक्त में कश्मीर में आतंक का बड़ा चेहरा बन गया था. शोपियां के जानीपुरा का रहने वाला जीनत नवंबर 2015 को आतंकी संगठन के साथ जुड़ा था और पिछले दो सालों से 10 मोस्ट वॉन्टेड आंतकियों की लिस्ट में उसका नाम शामिल था।
कश्मीर का सबसे बड़ा आपरेशन
कश्मीर में सेना ने पिछले साल से ऑपरेशन क्लीनस्वीप चल रही है। जिसमें अबतक करीब 200 आतंकी मारे जा चुके है। रविवार को हुए एनकाउंटर को कश्मीर में अभी तक का सबसे बड़ा एनकाउंटर बताया जा रहा है। इससे पहले एक दिन के अंदर इतनी बड़ी संख्या में आतंकियों को नहीं मारा गया था। इससे पहले 15 जनवरी को उरी सेक्टर के दुलंजा में छह आतंकी मारे गए थे।
3 जवान शहीद, घाटी में पत्थरबाजी
अनंतनाग और शोपियां में हुए एनकाउंटर में हमारे 3 जवान शहीद हुए हैं। शोपियां में मुठभेड़ के दौरान स्थानीय नागरिक और सुरक्षाबलों के बीच संघर्ष में करीब 40 नागरिक भी घायल हुए हैं। जबकि 4 नागरिकों की मौत हुई है। इस एनकाउंटर के बाद से घाटी में जबरदस्त तनाव पैदा हो गया है।
परिजनों की अपील को भी आतंकियों ने नहीं माना
जम्मू कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद्य ने बताया कि अनंतनाग एएसपी ने एनकाउंटर शुरू होने से पहले आतंकियों के परिजनों को मौके पर बुलवाया। करीब आधे घंटे तक उनके परिजनों से आतंकियों की बातचीत कराई, ताकि वो आत्मसर्पण करे दें। बातचीत का फायदा हुआ और एक हिजबुल आंतकी ने सरेंडर कर दिया जबकि दूसरा लगातार सेना के जवानों पर गोलीबारी करता रहा। जवाबी कार्रवाई में सेना ने रऊफ अहमद कांडे नाम के उस आतंकी को मार गिराया। दोनों आतंकी कश्मीर के स्थानीय नागरिक हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में दोनों की भर्ती आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए हिजबुल मुजाहिद्दीन ने की थी।
4 दिनों पहले भी हुई थी एक एसपीओ की हत्या
इससे पहले 29 मार्च को राज्य के अनंतनाग जिले में आतंकवादियों ने विशेष पुलिस अधिकारी की हत्या कर दी थी। इस हमले उनकी पत्नी भी घायल हुई थी। उसी दिन एक अन्य घटना में आतंकवादियों ने कुलगाम जिले के चानसेर में एक व्यक्ति पर गोली चलाई थी। व्यक्ति के पैर में गोली लगी थी और उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
Updated on:
02 Apr 2018 09:57 am
Published on:
02 Apr 2018 09:30 am
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