केंद्र सरकार ने हाल ही में दिया था भारतीय नागरिकों को वापस लाने का संकेत कोरोना संकट और लॉकडाउन की बीच लाखों भारतीय विदेशों में फंसे हैं खाड़ी देशों से भी भारतीयों की वापसी पर जारी है काम
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( coronavirus ) और लॉकडाउन ( Lockdown ) की वजह से दुनियाभर में लाखों भारतीय ( Indian’s ) फंसे हैं। इनमें से ज्यादातर इंडिया वापस लौटना चाहते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए अमरीका से इंडिया आने की इच्छा रखने वाले नागरिकों से भारतीय दूतावास ( Indian Embassy ) ने संपर्क करना शुरू कर दिया है। ताकि वो अपने वतन सकुशल वापस लौट सकें।
हाल ही में इसका संकेत भारत सरकार ने दिया था कि वह स्थिति का आकलन करने के बाद विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों ( Indian Citizen’s ) को वापस लाने के मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेगा।
बता दें कि 10 अप्रैल को केंद्र सरकार ( Central Government ) ने कहा था कि कोरोना वायरस से उपजे हालातों की समीक्षा के बाद विदेश में फंसे भारतीयों को लाने का निर्णय लिया जाएगा। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव दम्मू रवि ने कहा कहा कि विदेश में भारतीयों को लेकर कुछ प्रश्न आए हैं। यह एक ऐसी स्थिति है, जहां हम कोई निश्चित जवाब नहीं दे सकते क्योंकि लॉकडाउन अभी भी जारी है।
उन्होंने कहा कि हमें वर्तमान हालातों का आकलन करने की आवश्यकता है। यह सरकार को तय करना होगा कि हम कैसे अन्य देशों से भारतीयों की सुरक्षित वापसी का सुनिश्चित कर सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक इस बात की संभावना ज्यादा है कि भारतिय नागरिकों को वापस लाने के पहले चरण की शुरूआत खाड़ी क्षेत्र के देशों से शुरू हो। इसके बाद ब्रिटेन, यूरोप के अन्य हिस्सों और बाद में अमेरिका में फंसे भारतीयों को लाने पर विचार किया जाएगा।