
नई दिल्ली। पूरे देश में 21 दिनों के लॉकडाउन (Lockdown) की वजह से भारतीय रेलवे (Indian Railways) के पहिए भी थम गए है। 15 अप्रैल से सेवाएं बहाल करने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन कोरोना के बढ़ते कहर के चलते इसे दोबारा रद्द कर दिया गया। मगर 30 अप्रैल के बाद लॉकडाउन खुलने पर ट्रेनों के संचालन में दिक्कत न हो इसके लिए चेयरमैन रेलवे बोर्ड (CRB) की एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक हुई। जिसमें बोर्ड के दूसरे सदस्य भी शामिल थे। इस दौरान कुछ अहम मुद्दों पर बात की गई। जिनमें से ट्रेनों के बर्थ को लेकर भी सुझाव दिए गए।
सूत्रों के मुताबिक रेलवे बोर्ड की इस मीटिंग में सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) मेनटेंन करने के लिए ट्रेनों में मिडिल बर्थ खाली रखने का प्रस्ताव रखा गया। रेलवे विभाग के अनुसार ये बदलाव स्लीपर और थर्ड टायर एसी कोचेज में देखने को मिल सकते हैं। इससे सामान्य कोच भी सेकेंड एसी जैसे दिखेंगे। क्योंकि इनमें पहले से ही मिडिल बर्थ (Middle Birth) नहीं होती है। सुझाव के लागू होने पर पैसेंजर्स बुकिंग कराते समय मिडिल बर्थ बुक नहीं करा सकेंगे क्योंकि रिजर्वेशन के दौरान ये विकल्प नहीं दिया जाएगा। मालूम हो कि इससे पहले रेलवे ने कोचेज को आईसोलेशन वार्ड में बदलने के दौरान भी मिडिल बर्थ को हटाया था।
बैठक में इस बारे में भी सुझाव दिया गया कि जब तक देश पूरी तरह से कोराना संक्रमण से मुक्त न हो जाए, ट्रेनों में 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को यात्रा न करने दी जाए। क्योंकि संक्रमण का खतरा उनमें सबसे ज्यादा होता है। इसके अलावा एंट्री गेट पर यात्रियों की थर्मनल स्कैनिंग और सफर के दौराना मास्क लगाना जरूरी होगा। बोर्ड ने इन सभी सुझावों के अमल के लिए रेलवे मंत्रालय से लगातार इस बारे में संपर्क कर रही है। सूत्रों के मुताबिक भारतीय ट्रेनों में ये बदलाव जल्द ही देखने को मिल सकते हैं।
Published on:
09 Apr 2020 08:43 am
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