
नई दिल्ली। पाकिस्तान स्थित सिखों के पवित्र स्थल करतारपुर साहिब गुरुद्वारा के लिए कॉरिडोर खुलने में अब 7 दिन से भी कम का समय रह गया है। इसके लिए दोनों देशों के बीच कुछ नियम और शर्तें तय कर ली गई हैं। इस बीच खुफिया एजेंसियों ने बुरी खबर दी है। खुफिया सूचना मिलने के बाद से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
बता दें कि करतारपुर जिस नरोवल जिले में पड़ता है वहां खुफिया एजेंसियों ने आतंकी गतिविधियां देखी हैं।
खुफिया अलर्ट ऐसे समय पर मिला है जब भारतीय श्रद्धालुओं के जत्थे के करतारपुर जाने में एक हफ्ते से भी कम समय बचा है। यह कॉरिडोर भारत के पंजाब के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक साहिब को पाकिस्तान के पंजाब के नरोवाल जिले में स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारे से जोड़ता है।
जानकारी के मुताबिक आतंकी कैंप पंजाब प्रांत के मुरीदके, शंकरगढ़ और नरोवल में स्थित हैं। यहां बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष कैंप में मौजूद हैं और प्रशिक्षण ले रहे हैं। यह जानकारी हाल ही में देश के सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त बैठक में सामने आई है।
खुफिया अधिकारियों की बैठक पंजाब में सीमा प्रबंधन को लेकर हुई थी। एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि इस कॉरिडोर का इस्तेमाल ड्रग तस्करी और देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल लोग पाकिस्तानी सिम कार्ड्स के जरिए कर सकते हैं।
सीएम अमरिंदर ने जताई चिंता
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी पाकिस्तान की मंशा पर शक जताया है। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर खोलना आईएसआई का गहन एजेंडा हो सकता है। इसका उद्देश्य जनमत-संग्रह 2020 के लिए सिख भाईचारे को प्रभावित करना है, जिसे सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के अंतर्गत बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पूरी तरह सक्रिय और चौकस हैं।
Updated on:
04 Nov 2019 06:55 pm
Published on:
04 Nov 2019 03:05 pm
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