1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग : जेएनयू शीर्ष 1000 में शामिल, गुवाहाटी और आईआईटी कानपुर ने लगाई छलांग

दुनिया के शीर्ष 1,000 में रखे गए भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों की कुल संख्या में भी कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं हुआ है। जबकि 22 भारतीय विश्वविद्यालय इस बार शीर्ष 1,000 में शामिल हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Shaitan Prajapat

•

Updated: 9 Jun 2021, 9:07 AM IST

JNU

JNU

जयपुर। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने पहली बार क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग के शीर्ष 1,000 में प्रवेश किया है। इसका नया स्नातक इंजीनियरिंग कार्यक्रम अब इसे रेटिंग के लिए योग्य बताया गया है। यह रैंकिंग में 561-570 रैंकिंग बैंड पर शुरू हुआ, जो केवल स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों कार्यक्रमों की पेशकश करने वाले संस्थानों को रेट करता है। पिछले साल 21 की तुलना में शीर्ष 1,000 की सूची में 22 भारतीय संस्थान हैं, गुवाहाटी, कानपुर, खड़गपुर और मद्रास में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रैंकिंग में प्रमुख प्रगति कर रहे हैं। दुनिया के शीर्ष 1,000 में रखे गए भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों की कुल संख्या में भी कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं हुआ है। जबकि 22 भारतीय विश्वविद्यालय इस बार शीर्ष 1,000 में शामिल हैं, QS WUR 2021 में 21, 2020 में 23, 2019 में 24 और 2018 में 20 थे।

IIT दिल्ली ने भारतीय विज्ञान संस्थान और बैंगलोर को पीछे छोड़ा
हालांकि अभी भी कुछ संस्थान काफी चिंतित है कि रैंकिंग में भारत में शिक्षा की गुणवत्ता को सही ढंग से दर्शाया गया। इसकी मुख्य वे काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय धारणा कारकों पर निर्भर करता है। आईआईटी बॉम्बे ने लगातार चौथे साल शीर्ष भारतीय संस्थान के रूप में अपना स्थान बनाए रखा। हालांकि यह वैश्विक रैंकिंग में पांच स्थान गिरकर संयुक्त 177 वें स्थान पर आ गया। IIT दिल्ली (185 वीं रैंक) ने भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर (186 वीं रैंक) को पीछे छोड़ दिया, जिससे भारत को दुनिया के शीर्ष 100 में तीन संस्थान मिल गए।

यह भी पढ़ें :— एक्सपर्ट ने वैक्सीनेशन के हालात पर जताई चिंता, कहा- समय रहते नहीं सुधरे तो भयानक होगी तीसरी लहर!

आईआईटी गुवाहाटी और आईआईटी कानपुर ने लगाई छलांग
क्यूएस के क्षेत्रीय निदेशक अश्विन फर्नांडीस के अनुसार, प्रति संकाय मीट्रिक उद्धरण भी आईआईटी गुवाहाटी ने 75 रैंक की छलांग और आईआईटी कानपुर ने 73 रैंक की छलांग लगाई है। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थानों ने अपने अकादमिक और नियोक्ता प्रतिष्ठा स्कोर में सुधार किया है।

यह भी पढ़ें :— Patrika Positive News: मसीहा से कम नहीं जग्गा पहलवान, कंधों पर लेकर जाते सिलेंडर, हाथों से खिलाते हैं खाना

23 संस्थानों के स्कोर में गिरावट
पिछले कुछ सालों देखा जा रहा है कि भारतीय संस्थान संस्थागत शिक्षण क्षमता श्रेणी में संघर्ष कर रहे है। जिसे संकाय-छात्र अनुपात द्वारा मापा जाता है, 23 संस्थानों के स्कोर में गिरावट देखी जा रही है। हालांकि, आईआईटी निदेशक ने कहा कि यह भर्ती में किसी गिरावट के कारण नहीं है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण को लागू करने के लिए सरकार द्वारा अनिवार्य छात्रों की संख्या में वृद्धि के कारण है। COVID-19 महामारी के कारण अंतरराष्ट्रीय छात्रों और शिक्षकों की संख्या में भी कमी आई है, जिससे उन अंकों को भी नुकसान पहुंचा है।