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गिलानी के दामाद समेत 7 कश्मीरी अलगाववादियों की न्यायिक हिरासत 14 नवंबर तक बढ़ी

अलगाववादियों को पथराव और आतंकी गतिविधियों में पाकिस्तान से वित्तीय मदद लेने संबंधी कई आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया है।

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judicial custody of 7 Kashmiri separatists extended

Kashmiri separatists

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को सात कश्मीरी अलगाववादियों की न्यायिक हिरासत 14 नवंबर तक के लिए बढ़ा दी है। इन अलगाववादियों को जम्मू एवं कश्मीर में पथराव और आतंकी गतिविधियां कराने के लिए पाकिस्तान से वित्तीय मदद लेने संबंधी कई आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 24 जुलाई को इन सात लोगों को आपराधिक साजिश और भारत के खिलाफ जंग छेडऩे के आरोप में गिरफ्तार किया था।

बंद कमरे में सुनवाई के दौरान, जिला न्यायाधीश पूनम बांबा ने अफताब हिलाली शाह उर्फ शाहिद उल इस्लाम, अयाज अकबर खांडेय, फारूक अहमद दार उर्फ बिट्टा कराटे, नईम खान, अलताफ अहमद शाह, राजा मेहराजुद्दीन कालवाल और बशीर अहमद भट्ट उर्फ पीर सैफउल्लाह की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी।

अलताफ अहमद शाह कट्टरपंथी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के दामाद हैं, जो जम्मू एवं कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाने की वकालत करते हैं। वहीं शाहिद इस्लाम नरमपंथी हुर्रियत नेता मीरवाइज उमर फारूक के एक करीबी सहयोगी हैं। खांडेय, गिलानी के नेतृत्व वाले हुर्रियत के प्रवक्ता हैं।

व्यापारी और पत्थरबाजों की न्यायिक हिरासत भी बढ़ाई
इस बीच, अदालत ने एक व्यापारी जहूर अहमद शाह वाताली और दो कथित पत्थरबाजों कुलगाम के जावेद अहमद भट्ट और पुलवामा के कामरान की न्यायिक हिरासत को भी 30 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। एनआईए ने 5 सितम्बर को कश्मीर घाटी में अशांति फैलाने के लिए आतंकवादी फंडिंग की जांच के सिलसिले में इन दो कथित पत्थरबाजों को गिरफ्तार किया था। अगस्त के मध्य में गिरफ्तार किए गए वाताली पर घाटी में अलगाववादियों और आतंकवादी गतिविधियों के लिए पैसा जुटाने के लिए वाहक के रूप में कार्य करने का आरोप है। उनके ऊपर पाकिस्तान से कथित तौर पर धन लेकर उसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों एवं विभिन्न हुर्रियत नेताओं को देने का आरोप है।
एनआईए ने कहा कि वाताली को कश्मीर की मुख्यधारा के राजनेताओं के अलावा पाकिस्तानी नेताओं और अलगाववादियों का दोस्त बताया जाता है।