
Gangrape
नई दिल्ली। कठुआ गैंगरेप मामले को लेकर पूरे देश में राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है। शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम निर्मल सिंह ने इसे अंतरराष्ट्रीय साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला आने के बाद ही दो मंत्रियों ने नैतिक तौर ही इस्तीफा दे दिया है। पार्टी इस मामले को लेकर काफी संवेदनशील है। इससे पहले खंडवा से भाजपा सांसद नंद कुमार ने कहा था कि कश्मीर में जो कुछ भी हुआ है उसके पीछे पाकिस्तान का हाथ है।
मौत की सजा का प्रावधान वाला कानून बनाएंगे
इससे पहले जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने 12 अप्रैल को कहा था कि उनकी सरकार बच्चियों से बलात्कार के मामलों में मौत की सजा का प्रावधान वाला कानून बनाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस मामले में कानून को बाधित नहीं होने देगी और बच्ची के साथ इंसाफ होगा।
चार्टशीट में हुए थे कई खुलासे
कठुआ बलात्कार मामले की चार्जशीट खुलासा हुआ था कि आठ वर्षीय बच्ची को नशीली दवा देकर रखा गया था और हत्या से पहले उससे दुष्कर्म किया गया। चार्जशीट में कहा गया है कि रेप का सह-आरोपी विशाल जंगोत्रा अपने चचेरे भाई का फोन आने के बाद मेरठ से रासना पहुंचा और किशोर एवं परवेश के साथ बच्ची से बलात्कार किया। बच्ची का शव बरामद होने से छह दिन पहले 11 जनवरी को आरोपी किशोर ने फिर से अपने चचेरे भाई को फोन किया था और मेरठ से लौटने को कहा था, जहां वह पढ़ाई कर रहा था। चार्जशीट में चार पुलिसकर्मियों के साथ आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है।
सबूत के अभाव में शिकायत दर्ज नहीं कर पा रही थी एसआईटी
इस मामले में दोषियों ने सारे सबूत मिटा दिए थे। विशेष जांच टीम (एसआईटी) को इस बात की शिकायत थी कि उसे जो सबूत मिले हैं, वो आरोपियों को गुनाहगार साबित करने को काफी नहीं थे क्योंकि ऐसी बात सामने आई थी कि आरोपियों ने कथित तौर से कुछ स्थानीय पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर पीड़िता के कपड़े धुले थे ताकि सबूत को नष्ट किया जा सके। ये ही वजह थी कि एसआईआटी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं कर पा रही थी। इसके बाद मार्च में ही पीडि़ता के कपड़ों, खून, बाल, मल जैसे सबूतों को दिल्ली की फॉरेंसिक लैब में भेजा गया था।
Published on:
20 Apr 2018 02:19 pm
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