कोच्चि। केरल हाईकोर्ट ने मुस्लिम लड़कियों को अखिल भारतीय चिकित्सा प्रवेश परीक्षा 2016 में हिजाब पहनने की अनुमति दे दी है। हालांकि यह इजाजत इस शर्त पर दी है कि हिजाब पहनने वाली सभी छात्राओं को परीक्षा से आधे घंटे पहले परीक्षा केन्द्र में उपस्थित होना होगा,ताकि जरूरी होने पर तलाशी ली जा सके। न्यायाधीश मोहम्मद मुश्ताक ने अमनाह बिंत बशीर की ओर से दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश जारी किया।
याचिका में मेडिकल परीक्षा कराने से संबंधित बुलेटिन में सीबीएसई द्वारा उम्मीदवारों के लिए तय ड्रेस कोड को चुनौती दी गई थी। न्यायाधीश ने इस शर्त पर अनुरोध स्वीकार किया कि लड़कियां परीक्षा से आधे घंटे पहले उपस्थित होंगी और जरूरत पड़ी तो उनकी तलाशी ली जाएगी। याचिकाकर्ता ने कहा था कि परीक्षा के लिए तय किया गया ड्रेस कोड उसकी धार्मिक आजादी का उल्लंघन है। पिछले साल केरल हाईकोर्ट की एक न्यायाधीश की पीठ ने दो मुस्लिम छात्राओं को सीबीएसई मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए हिजाब पहनने की अनुमति दी थी।
उधर केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) भी मेडिकल परीक्षाओं में भाग लेने वाली छात्राओं को बुर्का और हिजाब पहनने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि परीक्षा के दौरान हिजाब पहनने के मामले पर सीबीएसई विचार कर रही है और जल्द ही इस मामले में अधिसूचना जारी की जा सकती है। इन छात्राओं की अलग तरीके से जांच की जा सकती है।