
नई दिल्ली: BCCI के पूर्व अध्यक्ष और बड़े व्यापारी जगमोहन डालमिया की आज पुण्यतिथी है। उनका निधन 20 सितंबर 2015 को कोलकाता में हुआ था। ब्रिटिश राज में जन्मे जगमोहन डालमिया का निधन कोलकाता के एक निजी अस्पताल में हुआ था। वो काफी लंबे समय से बीमारी थे। डालमिया के निधन को भारतीय क्रिकेट और बीसीसीआई के लिए बड़ी क्षति के रुप में देखा जाता है, क्योंकी उन्होंने अपने दौर में भारतीय क्रिकेट को बुलंदियों पर पहुंचाया था।
BCCI को बनाया था आत्मनिर्भर संस्था
आज जब इंटरनेशनल लेवल पर सबसे ताकतवर और धनी क्रिकेट बोर्ड की बात होती है तो भारतीय क्रिकेट बोर्ड यानि कि बीसीसीआई का नाम आता है और ये सब मुमकिन हुआ सिर्फ जगमोहन डालमिया की वजह से, जी हां उन्होंने ही भारतीय क्रिकेट को एक आत्मनिर्भर संस्था बनाया था। डालमिया ने भारतीय क्रिकेट को सबसे बड़ा तोहफा 1990 में दिया था, जब उन्होंने वर्ल्ड टेल के साथ लाखों डॉलर का टेलीविजन करार किया था, जिसने बीसीसीआई को सबसे अमीर बोर्ड बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
डालमिया के समय जीता था 83 वर्ल्ड कप
जगमोहम डालमिया 1979 में बीसीसीआई से जुड़े थे और 1983 में वो बोर्ड के कोषाध्यक्ष बने थे और इसी साल भारत ने विश्व कप जीता था। इसके बाद डालमिया ने अपने मित्र इंद्रजीत सिंह बिंद्रा के साथ मिलकर दक्षिण एशिया में 1996 वाले विश्व कप की हासिल कर ली थी। इसके बाद 1997 में वो आईसीसी के अध्यक्ष चुने गए और 2001-2004 तक वो बीसीसीआई के अध्यक्ष बने रहे।
2006 में बोर्ड से किया गया था सस्पेंड
2006 में डालमिया को बीसीसीआई से निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा राज्य बोर्ड से भी निकाल दिया गया था। इस बुरे दौर में डालमिया ने काफी लंबे समय तक कानूनी लड़ाई लड़ी और राज्य बोर्ड में अपना स्थान दोबारा हासिल किया।
आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में आया था नाम
आईपीएल स्पाट फिक्सिंग मामले में डालमिया का नाम आने के बाद वह अंतरिम अध्यक्ष के रूप में पहले सर्वसम्मत उम्मीदवार थे और 2013 की शुरुआत में वह एक बार फिर सर्वसम्मति से बीसीसीआई अध्यक्ष बने।
Published on:
20 Sept 2017 02:14 pm
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
