
अटल की मौत के बाद पिघला लालू यादव का दिल, कहा- 'वाजपेयी आप बहुत याद आओगे'
नई दिल्ली। चारा घोटाले में सजा काट चुके बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव अटल बिहारी वाजपेयी की धुर विरोधी रहे हैं। जीते जी पता नहीं उन्होंने अटल को अच्छा इंसान मानते हुए भी संघ और भाजपा से जुड़े होने के कारण कितने उलाहने दिए लेकिन उनकी मौत के बाद लालू यादव का दिल भी पिघल गया। उन्होंने ट्वीट कर न केवल उनके निधन पर दुख जताया है बल्कि ये भी बताया है कि भारतीय राजनीति के पुरोधा का यूं जाना ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
शालीन संवाद के आखिरी स्तंभ
आरजेडी प्रमुख लालू ने ट्वीट कर कहा कि अटल जी के निधन से भारतीय राजनीति में एक युग का अंत हो गया है और वाजपेयी के मृत्यु से उन्होंने अपना मित्र और अभिभावक खो दिया है। लालू ने कहा कि वाजपेयी उस राजनीतिक धारा के आखिरी स्तंभ थे जहां परस्पर विरोधी राजनीतिक विचारधारा के लोग सहज और शालीन संवाद कर सकते थे। उन्होंने कहा कि उनके उदारमना व्यक्तित्व का ही परिणाम था कि विरोधी भी उनका सम्मान करते थे। यहां तक कि मैं, स्वयं उनका सम्मान करता रहा हूं।
गर्व है कि अटल के नाम में बिहारी भी था
आरजेडी प्रमुख अटल के निधन के बाद से काफी दुखी नजर आते हैं। यह उनके ट्वीट की भाषा से साफ झलकता है। ट्वीट की भाषा लालू की राजनीतिक शैली की भाषा के उलट है। उन्होंने अपने ट्वीट में बहुत ही शालीन और विनम्र भाषा का प्रयोग करते हुए बताया है कि उन्हें गर्व है कि अटल जी के नाम में बिहारी भी था। उन्होंने कहा कि अटल जी आप बहुत याद आओगे।
सुखद अनुभव
उनसे पहले बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी का निधन दुःखद घटना बताया। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि देश ने सबसे बड़े राजनीतिक शख्सियत, प्रखर वक्ता, लेखक, चिंतक, अभिभावक एवं करिश्माई व्यक्तित्व को खो दिया। उन्होंने कहा कि अटल जी का हमारे जीवन पर अमिट प्रभाव रहा है। उनके मंत्रीमंडल का मै भी सदस्य रहा। मतभेद होने के बावजूद कोई भी ऐसा प्रोजेक्ट नहीं रहा जिसपर अपनी सहमति देने से उन्होंने मना कर दिया हो।
Published on:
17 Aug 2018 10:03 am

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