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कोरोना के चलते फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह का निधन, पीएम मोदी ने जताया शोक

कोरोना से निगेटिव पाए जाने के बाद पोस्ट-कोविड परेशानियों के चलते महान भारतीय खिलाड़ी मिल्खा सिंह का शुक्रवार देर रात चंडीगढ़ में निधन हो गया। पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उनके निधन पर शोक जताया है।
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नई दिल्ली

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Amit Kumar Bajpai

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Updated: 19 Jun 2021, 2:01 AM IST

Legendry Sprinter Flying Sikh Milkha Singh passed away, PM Modi, Amit Shah mourns

Legendry Sprinter Flying Sikh Milkha Singh passed away, PM Modi, Amit Shah mourns

चंडीगढ़। कोविड-19 के साथ एक महीने की लंबी लड़ाई के बाद, महान भारतीय धावक मिल्खा सिंह का शुक्रवार देर रात 11.30 बजे 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 'फ्लाइंग सिख' के नाम से मशहूर मिल्खा को पिछले महीने कोरोना वायरस संक्रमण हुआ था और "ऑक्सीजन के स्तर में गिरावट" के कारण चंडीगढ़ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि भारत ने एक महान खिलाड़ी खो दिया, जिसने देश की कल्पना पर कब्जा कर लिया।

इस संबंध में पीजीआईएमईआर अस्पताल द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक, "महान भारतीय धावक मिल्खा सिंह जी को 3 जून 2021 को पीजीआईएमईआर के कोविड अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था और 13 जून तक वहां कोविड के लिए इलाज किया गया था, जब कोविड के साथ बहादुरी से लड़ाई के बाद, मिल्खा सिंह जी को निगेटिव टेस्ट किया गया। हालांकि, कोविड के बाद की जटिलताओं के चलते उन्हें कोविड अस्पताल से मेडिकल आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया था।"

बयान में कहा गया, "लेकिन मेडिकल टीम के तमाम प्रयासों के बावजूद, मिल्खा सिंह जी को उनकी गंभीर स्थिति से नहीं निकाला जा सका और एक लंबी लड़ाई के बाद, वह 18 जून 2021 को पीजीआईएमईआर में 11.30 बजे अपने अंतिम सफर के लिए रवाना हो गए।"

कोविड-19 के साथ एक मुकाबले के बाद सिंह की हालत शुक्रवार शाम को गंभीर हो गई थी और उन्हें कई दिक्कतें हो गई थीं, जिनमें बुखार आने के साथ ऑक्सीजन लेवल में गिरावट शामिल थी।

फ्लाइंग सिख के निधन की खबर आते ही आधी रात प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया "श्री मिल्खा सिंह जी के निधन से, हमने एक महान खिलाड़ी खो दिया है, जिसने देश की कल्पना पर कब्जा कर लिया और अनगिनत भारतीयों के दिलों में एक विशेष स्थान पाया। उनके प्रेरक व्यक्तित्व के चलते वह स्वयं लाखों लोगों की पसंद बन गए। उनके निधन से दुखी हूं।"

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, "मैंने कुछ दिन पहले ही श्री मिल्खा सिंह जी से बात की थी। मुझे नहीं पता था कि यह हमारी आखिरी बातचीत होगी। कई नए एथलीटों को उनकी जीवन यात्रा से ताकत मिलेगी। उनके परिवार और दुनिया भर में कई प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।"

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शोक व्यक्त करते हुए लिखा, "उन्होंने विश्व एथलेटिक्स पर एक अमिट छाप छोड़ी है। राष्ट्र उन्हें हमेशा भारतीय खेलों के सबसे चमकीले सितारों में से एक के रूप में याद रखेगा। उनके परिवार और अनगिनत अनुयायियों के प्रति गहरी संवेदना।"

इससे पहले देर रात पूर्व भारतीय धावक के परिवार ने एक बयान में उनके निधन की जानकारी दी। परिवार ने लिखा, "बहुत दुख के साथ सूचित किया जा रहा है कि मिल्खा सिंह जी का निधन हो गया। उन्होंने बहुत संघर्ष किया लेकिन भगवान के अपने तरीके हैं और शायद यह सच्चा प्यार और साथ था कि हमारी मां निर्मल जी और अब पिताजी दोनों का निधन हो गया है। 5 दिनों की बात है।"

गौरतलब है कि सिंह की पत्नी और भारतीय महिला राष्ट्रीय वॉलीबॉल टीम की पूर्व कप्तान, निर्मल मिल्खा सिंह ने बीते 13 जून को 85 वर्ष की आयु में COVID-19 के कारण दम तोड़ दिया था।

महान एथलीट मिल्खा सिंह चार बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और 1958 के राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन रहे। वह अभी भी एशियाई और राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाले एकमात्र भारतीय एथलीट हैं। उनकी खेल उपलब्धियों के सम्मान में उन्हें भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उनके परिवार में एक बेटा और तीन बेटियां हैं। उनके बेटे जीव मिल्खा सिंह भी एक प्रसिद्ध गोल्फर हैं।