कोरोना से उपजे संकट के बीच महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है और मांग की है कि अतिरिक्त चिकित्सीय ऑक्सीजन, टीकों की पर्याप्त आपूर्ति की जाए।
मुंबई। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों ने सबकी चिंता बढ़ा दी है। वहीं इस महामारी के बीच कई राज्यों के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से हाहाकार मचा है। कोरोना की दूसरी लहर से सबसे अधिक प्रभावित महाराष्ट्र में कोरोना के रिकॉर्ड मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में यहां के अस्पतालों में मरीजों को ऑक्सीजन की किल्लतों का सामना करना पड़ रहा है।
कोरोना से उपजे संकट के बीच महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है और मांग की है कि अतिरिक्त चिकित्सीय ऑक्सीजन, टीकों की पर्याप्त आपूर्ति की जाए। साथ ही रेमडेसिविर दवाई के आयात के लिए अनुमति दी जाए, ताकि राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके।
आपको बता दें कि महाराष्ट्र के अलावा भी कई राज्यों ने पीएम मोदी से ऑक्सीजन की सप्लाई करने और पर्याप्त वैक्सीन व दवाई की मांग की है। जिन राज्यों ने मांग की है उनमें दिल्ली, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, हरियाणा, यूपी, पंजाब, आंध्र प्रदेश, और उत्तराखंड आदि राज्य शामिल हैं।
महाराष्ट्र को हर दिन 1550 मी. टन ऑक्सीजन की जरूरत
महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, सीएम उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी द्वारा आयोजित एक डिजिटल बैठक में ऑक्सीजन को एयरलिफ्ट कराने की मांग की। ठाकरे ने कहा कि कोरोना मरीजों के इलाज के लिए राज्य में हर दिन 1,550 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। अभी करीब 300 से 350 मीट्रिक टन ऑक्सीजन बाहर से खरीदी जा रही है।
ठाकरे ने कहा कि यदि ऑक्सीजन एरलिफ्ट कराना संभव नहीं हो रहा है तो खाली ऑक्सीजन टैंकरों को परिवहन का समय बचाने के लिए वापस विमानों से भेजना चाहिए। इसके अलावा दूर के राज्यों के बदले पड़ोसी राज्यों से ही ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकती है।
सीएम ठाकरे ने कहा कि राज्य में 60,000 से अधिक मरीज ऑक्सीजन पर हैं, जबकि 76,300 ऑक्सीजन बेड हैं तथा करीब 25,000 अतिरिक्त ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य में बढ़ते मरीजों के अनुसार, आवश्यकता को देखते हुए महाराष्ट्र को 250 से 300 मीट्रिक टन अतिरिक्त ऑक्सीजन मिलनी चाहिए। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि खाली टैंकरों को विमान से वापस भेजने की मांग को स्वीकार कर लिया गया है।