देश में कोरोना वायरस से मच रही तबाही के बीच वैक्सीन की अत्यधिक कमी देखने को मिल रही है।
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस ( Coronavirus in india ) से मच रही तबाही के बीच वैक्सीन ( corona vaccine ) की अत्यधिक कमी देखने को मिल रही है। यही वजह है कि महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में वैक्सीनेशन ( Corona Vaccination ) की गति सुस्त पड़ गई है। इस बीच महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ( Maharashtra Health minister Rajesh Tope ) ने राज्य में 45 साल से अधिक और 18 से 44 साल की उम्र वाले लोगों के लिए टीकाकरण अभियान जारी है, लेकिन वैक्सीन की डिमांड एंड सप्लाई में भारी अंतर है। उन्होंने कहा कि मांग के सापेक्ष वैक्सीन की कम आपूर्ति होने की वजह से 18 साल से अधिक उम्र वालों का वैक्सीनेशन कार्यक्रम बाधित हो सकता है। क्योंकि उनके हिस्से की वैक्सीन 45 साल से अधिक उम्र वाले लोगों की दूसरी खुराक के रूप में यूज की जाएंगी।
राजेश टोपे के अनुसार 18 से 44 साल की उम्र वाले लोगों को वैक्सीन लगाने का फैसला केंद्र का है, इसके विपरीत केंद्र सरकार ने केवल 45 साल से अधिक उम्र वाले लोगों के वैक्सीनेशन की ही जिम्मेेदारी ली है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में कोवैक्सीन की फिलहाल 35 हजार खुराक हैं, जबकि लोगों को अब दूसरी डोज लगाई जानी है। टोपे ने बताया कि राज्य में पांच लाख के करीब लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जानी है। इतनी कम वैक्सीन में दोनों उम्र वर्ग वाले लोगों को वैक्सीन कैसे दी जा सकती है। इस बीच वैक्सीन की कमी से निपटने के लिए राज्य सरकार ने 18 से 44 साल के उम्र लिए रिजर्व डोज को 45 साल से ऊपर वाले लोगों को लगाने का फैसला लिया है।
एक आंकड़े के अनुसार महाराष्ट्र सरकार की ओर से खरीदे गए कोवैक्सीन की पौने तीन लाख खुराक उपलब्ध हैं। ऐसे में अगर केंद्र के 35 हजार डोज भी जोड़े जाएं तो सवा तीन लाख के आसपास डोज होती हैं। जिनको 45 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को लगाया जाएगा। राजेश टोपे ने बताया कि राज्य में कोवैक्सीन के साथ-साथ कोविशील्ड का भी संकट हैं। उन्होंने बताया कि राज्य को केंद्र से कोविशील्ड की 16 लाख डोज मिलती थीं, जिनका यूज 45 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को दिया जाना था। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से भी इस बारे में बात की गई हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।