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गृहयुद्ध के बयान से ममता ने किया किनारा, भाजपा पर किया पलटवार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भाजपा की नौकर नहीं हैं,जो उनके हर सवाल का जवाब दें।
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Mohit Saxena

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Updated: 2 Aug 2018, 9:19 AM IST

mamta

गृहयुद्ध के बयान से ममता ने किया किनारा, भाजपा पर किया पलटवार

नई दिल्ली। एनआरसी ( नेशनल रजिस्टर आॅफ सीटिजन्स ) के सियासी घमासान में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने बयान से अब पलट रही हैं। उन्होंने कहा था कि इस योजना के कारण देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस बयान के बाद भाजपा ने उन्हें घेरना शुरू कर दिया है। ममता को डर है कि कहीं उनके इस बयान से पश्चिम बंगाल में भाजपा को फायदा न मिल जाए। ममता ने बुधवार शाम को बिना देरी किए सफाई दी कि गृहयुद्ध वाली टिप्पणी उन्होंने नहीं दी है। उन्होंने कहा कि वह भाजपा की नौकर नहीं हैं, जो उनके हर सवाल का जवाब दें।

इस बयान से मुकरने पर विवश हुईं ममता

माना जा रहा है कि इस टिप्पणी पर भाजपा की आक्रामक सियासी हमले की तैयारी की आशंका को भांपते हुए ममता गृहयुद्ध की बात से मुकरने को विवश हुई हैं। टीएमसी प्रमुख की गृहयुद्ध संबंधी टिप्पणी पर भाजपा ने जिस तरह का सियासी हमला किया उसके बाद ममता को पश्चिम बंगाल में इसके राजनीतिक नुकसान की आशंका सताने लगी है। ममता ने इस दौरान कहा कि उनकी चिंता 40 लाख लोगों की है जिनका नाम एनआरसी की सूची में नहीं है। गृहयुद्ध वाले बयान पर अपनी सफाई देने के दौरान दीदी ने यह भी कहा कि भाजपा 2019 में सत्ता में नहीं आ रही और इसीलिए वह राजनीतिक रुप से उग्र है।

ध्रुवीकरण का मौका न मिले

इस मंगलवार को दिल्ली पहुंची ममता को अपने बयान का अंदाजा तब लगा जब वह कांग्रेसी नेता से मिलीं। मीडिया सूत्रों के मुताबिक इन नेताओं से मिलने के दौरान उन्हें अंदेशा हुआ कि भाजपा इस बयान से पश्चिम बंगाल में राजनीतिक फायदा उठा सकती है। गौरतलब है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इसी 11 अगस्त को पंश्चिम बंगाल में एक रैली को संबोधित करने वाले हैं। ऐसे में उनके इस बयान को भाजपा वहां बड़ा मुद्दा बना सकती है। ममता ने कोलकता में एक पत्रकार वार्ता के दौरान एनसीआर पर गृहयुद्ध और खून खराबे की आशंका जाहिर की थी। इसके बाद से कांग्रेस लगातार ममता से संपर्क में है। दरअसल कांग्रेस की चिंता इस बात को लेकर है कि ममता की एनआरसी पर आक्रामकता से भाजपा को इस मुद्दे पर देशव्यापी सियासी ध्रुवीकरण का मौका मिल सकता है। इसीलिए कांग्रेस एनआरसी पर सतर्क और संयम प्रतिक्रिया देते हुए प्रभावित लोगों के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की बात कह रही है।